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पहेली ऑस्कर के लिए भारत की प्रविष्टि | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कारों की दौड़ में शामिल होने के लिए इस वर्ष भारत की ओर से पहेली को भेजा जा रहा है. फ़िल्म के निर्माता शाहरुख़ ख़ान हैं और निर्देशक अमोल पालेकर. इसे विदेशी भाषा की फ़िल्मों की श्रेणी में शामिल है. फ़िल्म राजस्थान के प्रख्यात साहित्यकार विजय दान देथा की कहानी पर आधारित है और मणि कौल इसी पर 1971 में दुविधा के नाम से एक फ़िल्म बना चुके हैं. फ़िल्म में शाहरुख़ ख़ान, रानी मुखर्जी, अनुपम खेर, नसीरुद्दीन शाह, जूही चावला और सुनील शेट्टी प्रमुख भूमिकाओं में हैं जबकि अमिताभ बच्चन ने फ़िल्म में एक विशेष भूमिका निभाई है.
फ़िल्मकार विनोद पांडे की अध्यक्षता में दस सदस्यीय एक जूरी ने एक हफ़्ते के विचार-विमर्श के बाद यह फ़ैसला किया. कहा जा रहा है कि मनोनयन के लिए जिन अन्य फ़िल्मों के नामों पर विचार किया गया वे थीं हिंदी भाषा की 'ब्लैक', 'स्वदेस', 'पेज थ्री', 'मंगल पांडे', 'वीर ज़ारा', 'इक़बाल', 'हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी' और 'परिणीता'. इनके अलावा तमिल की दो और तेलुगु, मलयालम और मराठी भाषाओं की भी एक-एक फ़िल्म के नामों पर विचार किया गया. विनोद पांडे का कहना है, पहेली भारतीय मान्यताओं का प्रतिनिधित्व करती है. यह भारतीय भाषा पर आधारित एक फ़िल्म है. फ़िल्म के निर्देशक अमोल पालेकर का कहना है कि फ़िल्म की शूटिंग मात्र 47 दिन में पूरी कर ली गई. |
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