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गुरुवार, 16 जून, 2005 को 02:25 GMT तक के समाचार
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अपराध जगत पर फ़िल्म 'सहर'

अरशद वारसी फ़िल्म सहर में
स्पेशल टास्क फ़ोर्स और अपराधियों के टकराव पर बुनी गई है कहानी
आम तौर पर संगठित अपराध या अंडर वर्ल्ड पर आधारित फ़िल्मों की बात होती है तो हिंदी फ़िल्मों में मुंबई से बाहर किसी भारतीय शहर की कल्पना नहीं की जाती.

कबीर कौशिक की फ़िल्म 'सहर' (यानी सुबह) एक ऐसी ही फ़िल्म है जो अपवाद स्वरुप संगठित और सुनियोजित अपराध को मुंबई से बाहर जाकर दिखाने का जोख़िम उठाती है.

यह फ़िल्म उत्तर प्रदेश में अपराध जगत पर आधारित है.

अपनी पहली फ़ीचर फ़िल्म निर्देशित कर रहे कबीर कौशिक ने बीबीसी को बताया, "यदि प्रबंधन की भाषा में बात की जाए तो 'वैल्यू चेन' की अंतिम कड़ी मुंबई है. यानी देश भर में हो रहे अपराध की एक तरह से अंतिम कड़ी मुंबई है. और ऐसे में जब कोई फ़िल्म सिर्फ़ उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि की बात करती हो तो एक कहानी तो बनती है."

उन्होंने बताया कि कहानी एक पुलिस अधिकारी की है जो लखनऊ का एसएसपी (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) है. अपराधियों के ख़िलाफ़ एक-एक करके अधिकारी जमा होते हैं और एक स्पेशल टास्क फ़ोर्स का गठन होता है और वह तमाम दिक़्क़तों के बीच अपराधियों से निपटता है.

यह उत्तर प्रदेश की कुछ सच्ची घटनाओं को लेकर बुनी गई कहानी है और निर्देशक कबीर का दावा है कि लोग इसे आसानी से पहचान सकेंगे.

सहर का एक दृश्य
छोटे शहरों में अपराध तंत्र को उजागर करती है सहर

वे बताते हैं कि इसमें नेता हैं, रेलवे के ठेकेदार हैं, आईएसआई है और नेता-ठेकेदार के बीच के रिश्तों का ज़िक्र है.

वे स्वीकार करते हैं कि वे ख़ुद उत्तर प्रदेश में पले बढ़े हैं और इससे उन्हें फ़िल्म में बहुत मदद मिली है.

अरशद वारसी, पंकज कपूर, महिमा चौधरी, सुशांत सिंह और सुहासिनी मुले जैसे बड़े कलाकारों वाली यह फ़िल्म आम अपराध फ़िल्मों की तरह की मारधाड़ से भरी नज़र आती है.

जब कबीर से सवाल किया कि उनकी फ़िल्म में ऐसा क्या है जो उनकी फ़िल्म को बाक़ी फ़िल्मों से अलग करता है तो उन्होंने कहा, "लोगों को यह देखने में रुचि होगी कि अपराध अब सिर्फ़ मुंबई में नहीं है उनके अपने शहर तक आ पहुँच गया है. चाहे वह लखनऊ हो या फिर मुज़फ़्फ़र नगर."

वे मानते हैं कि जो लोग ब्लैक को देखने थिएटर तक जा सकते हैं और जो पेज-थ्री को पसंद कर सकते हैं वे सहर को भी पसंद करेंगे.

जब अपराध जगत पर फ़िल्मों की कतार लगी हो तब यह देखना रुचिकर होगा कि आख़िर लोग इस फिल्म को देखते हैं और कितनों को यह फ़िल्म पसंद आती है.

फ़िल्म 22 जुलाई को रिलीज़ होने वाली है.

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