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'विवेक ओबेरॉय ने कुछ नहीं किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने हिंदी फ़िल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सूनामी राहत कार्य को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया. जयललिता ने राज्य विधान सभा में बताया है कि विवेक ओबेरॉय ने 'कुछ ठोस नहीं किया' लेकिन 'अधिकतम प्रचार हासिल' किया. ग़ौरतलब है कि 26 दिसंबर को आए समुद्री भूकंप के बाद उठी सूनामी लहरों में तमिलनाडु में क़रीब आठ हज़ार और पांडिचेरी में 600 लोगों की मौत हो गई थी और अन्य बहुत से लोग अब भी लापता हैं. विवेक ओबेरॉय ने सूनामी के बाद अपनी राहत परियोजना 'होप' यानी आशा के नाम से शुरू की लेकिन तमिलनाडु में ज़मीन के मालिक़ाना हक़ में कुछ कठिनाइयों को देखते हुए तमाम कामकाज पास के पांडिचेरी में स्थानांतरित कर दिया था. जयललिता के इस बयान पर विवेक ओबेरॉय की टिप्पणी के लिए उनसे संपर्क नहीं हो सका. अस्थाई घर विवेक ओबेरॉय तमिलनाडु के तटवर्ती ज़िले कुड्डलोर में सूनामी से प्रभावित लोगों को पिछले तीन महीने से सक्रिय रूप से राहत मुहैया करा रहे हैं.
विवेक का कहना है कि उन्होंने बेघर हुए मछुआरों के लिए 100 से ज़्यादा अस्थाई घर बनाए हैं. विवेक ओबेरॉय कहते हैं कि वह सूनामी की तबाही से इतने व्यथित हुए कि एक बार तो वह देवनमपट्टिनम गाँव में राहत कार्यों की निगरानी के लिए ख़ुद भी कई दिन तक वहाँ डेरा डाले रहे थे. लेकिन हाल ही में पत्रकार सम्मेलन में विवेक ओबेरॉय ने कहा था कि हालाँकि तमिलनाडु सरकार मददगार रही है और मछुआरों के लिए स्थाई घर बनाने के लिए ज़मीन भी देने की कोशिश की लेकिन चूँकि ज़मीन निजी हाथों में थी इसलिए उसमें काफ़ी मुश्किलें भी रहीं. विवेक ओबेरॉय ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में 'कुछ नीहित स्वार्थी लोग हैं' जिन्होंने उनके राहत कार्यों में रोड़ा अटकाने की कोशिश की है.
विवेक ओबेरॉय ने कहा कि उन्हें तमिलनाडु छोड़कर पांडिचेरी का रुख़ मजबूर होकर इसलिए करना पड़ा क्योंकि केंद्रशासित प्रदेश पांडिचेरी में प्रशासन ज़मीन की अर्ज़ी पर दस दिन में कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने कहा कि पांडिचेरी में 25 एकड़ ज़मीन पर प्रारंभिक काम शुरू भी हो चुका है. लेकिन मुख्यमंत्री जयललिता आलोचनात्मक रुख़ दिखाते हुए कहा कि विवेक ओबेरॉय ने देवनमपट्टिनम में सिर्फ़ दस प्रतिशत ही राहत कार्य किया है बाक़ी 90 प्रतिशत सरकार ने किया है. विधान सभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए जयललिता ने कहा, "यहाँ तक कि विवेक ओबेरॉय ने जो दस प्रतिशत काम किया वह अपने धन से नहीं दानदाताओं के धन से किया." जयललिता ने विपक्ष के इन आरोपों का खंडन किया कि विवेक ओबेरॉय ने पांडिचेरी का रुख़ इसलिए किया क्योंकि सरकार उन्हें ज़मीन मुहैया कराने में नाकाम रही. जयललिता ने कहा, "तमिलनाडु सरकार उनके फ़ैसले के लिए ज़िम्मेदार नहीं थी." |
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