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मैं मुक़ाबले से बाहर रहूँगाः यश चोपड़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जानेमाने फ़िल्म निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा ने ऐलान किया है कि वह अब किसी भी अवार्ड प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ निर्दशक के लिए मनोनीत नहीं होना चाहेंगे. लंदन में आयोजित ज़ी सिने अवॉर्ड समारोह में अपनी फ़िल्म 'वीरज़ारा'के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान पाने के बाद उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि अब युवा फ़िल्मकार आगे आएँ और यह सम्मान उनके हिस्से में जाए. यश चोपड़ा ने कहा कि अपनी शुरुआती फ़िल्म 'वक़्त' से लेकर 'वीरज़ारा' तक उन्होंने अनगिनत पुरस्कार जीते हैं लेकिन अब समय आ गया है कि वह इस होड़ से अलग हो जाएँ. हालाँकि उनका कहना था कि वह अभी लंबे समय तक फ़िल्में बनाने का इरादा रखते हैं. ज़ी सिने अवॉर्ड के इस समारोह में वर्ष 2005 के लिए सर्वेश्रेष्ट फ़िल्म का पुरस्कार वीरज़ारा को दिया गया जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान शाहरुख़ ख़ान को मिला. रानी मुखर्जी को फ़िल्म हमतुम के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वीरज़ारा के हिस्से में एक और सम्मान आया और वह था सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री को. इस पुरस्कार के लिए अभिनेत्री दिव्या दत्ता का चयन हुआ. कई साल पहले लता मंगेशकर ने भी फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड प्रतियोगिता से बाहर होने की घोषणा की थी. उनका भी यही कहना था कि वह इस तरह नए लोगों को प्रोत्साहित करना चाहती हैं. |
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