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बुधवार, 29 सितंबर, 2004 को 19:34 GMT तक के समाचार
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क्या फिर छाएगा मदन मोहन का जादू?

वीर ज़ारा फ़िल्म में शाहरुख़ और प्रीति
मदन मोहन की धुनों को लता मंगेशकर ने आवाज़ दी है इस फ़िल्म में
भारतीय फ़िल्मी संगीत के महान संगीतकारों में से एक नाम है पंडित मदन मोहन का.

ग़ज़लों के बादशाह कहे जाने वाले मदन मोहन केवल 51 वर्ष की आयु में चल बसे थे, लेकिन अपने पीछे छोड़ गए थे अविस्मरणीय गानों का ख़ज़ाना.

उनको गुज़रे तीस साल हो गए और एक बार फिर संगीत प्रेमियों के लिए उन्हीं की धुनें परोसी गई हैं यश चोपड़ा की नई फ़िल्म 'वीर ज़ारा' में.

यश चोपड़ा की कंपनी यश राज फ़िल्म्स के मुख्य कार्यकारी संजीव कोहली, मदन मोहन के पुत्र हैं और उन्होंने ही इन धुनों के बारे में यश चोपड़ा को सुझाया था.

चोपड़ा कहते हैं “हमने उन धुनों में से तीस धुनें चुनीं और उन पर डमी बोल लिख कर कंपोज़ किया, यह देखने के लिए कि वे गानों की तरह कैसी लगेंगी.”

“आखिर में, 11 धुनों पर जावेद अख़्तर से बोल लिखवाए और उन्हें रिकॉर्ड किया.”

पुराना-नया

यश चोपड़ा को लगता है कि भारत-पाकिस्तान के प्रेमी युगल की प्रेम कहानी पर बन रही इस फ़िल्म में ये हिंदुस्तानी धुनें बहुत उपयुक्त बैठती हैं.

मदन मोहन
मदन मोहन के निधन के 30 वर्ष बाद इस फ़िल्म में उनका संगीत फिर इस्तेमाल हो रहा है

हालाँकि फ़िल्म आलोचक और लोकप्रिय संगीत के बाज़ार के जानकार कोमल नाहटा का कहना है कि कुछ गाने इतने धीमे चलते हैं कि शायद नई पीढ़ी को पसंद न आएँ.

“कुछ गाने बहुत सुस्त हैं जिसकी वजह से शायद यह ऐल्बम उतना सफल न रहे जितना यश चोपड़ा की अन्य फ़िल्मों दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे या मोहब्बतें के ऐल्बम रहे हैं.”

लेकिन यश चोपड़ा यह नहीं मानते.

“एक मोहब्बत और एक संगीत, यह कभी पुराने नहीं पड़ते, अगर मेरी फ़िल्म पर ये गाने सही बैठते हैं, तो युवा पीढ़ी को भी ज़रूर पंसद आएँगे.”

गाने मधुर तो हैं ही और हर मूड के गाने इस ऐल्बम में शामिल भी हैं लेकिन सभी गानों में महिला आवाज़ लता मंगेशकर की है.

लता की आवाज़

लता मंगेशकर बताती हैं कि ये धुनें मदन मोहन ने ख़ुद उनके सामने बनाईं लेकिन उन्हें फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सका था.

 एक मोहब्बत और एक संगीत, यह कभी पुराने नहीं पड़ते, अगर मेरी फ़िल्म पर ये गाने सही बैठते हैं, तो युवा पीढ़ी को भी ज़रूर पंसद आएँगे
यश चोपड़ा

“मेरे लिए यह बहुत रोमांचकारी बात है कि मदन भैया की यह धुनें फिर से मेरे सामने आईं हैं.”

लता ने कहा कि इन धुनों में थोड़ा ही हेर-फेर किया गया है और गाने बहुत अच्छे बने हैं.

लेकिन कोमल नाहटा का कहना है कि इस फ़िल्म के सभी गाने अगर लता मंगेशकर की आवाज़ में नहीं होते तो शायद अच्छा रहता.

“उनकी आवाज़ में अब उम्र पता चलने लगी है और प्रीति ज़िंटा पर उनकी आवाज़ जमती नहीं.”

लेकिन लता मंगेशकर का कहना है कि वह पहले भी 'दिल से' में प्रीति ज़िंटा के लिए 'जिया जले...' गाना गा चुकी हैं और वो बड़ा हिट हुआ था.

“मैं इतना सोचती नहीं हूँ, अगर गाना अच्छा हुआ और चल गया तो फ़र्क नहीं पड़ता कि किस पर फ़िल्माया गया है.”

वीर ज़ारा हिंदुस्तानी वीर प्रताप सिंह (शाहरूख़) और ज़ारा हयात ख़ान (प्रीति) की प्रेम कहानी पर आधारित है और रानी मुखर्जी पाकिस्तानी वकील की भूमिका में हैं.

यश चोपड़ा कि यह नई फ़िल्म दीपावलि के समय रिलीज़ की जाएगी.

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