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'हम किसी से कम नहीं...' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अभिनेता जिन्होंने फ़िल्मों में काफ़ी अरसा गुज़ारने के बाद अब लोगों को कुछ सोचने पर मजबूर कर दिया है-सैफ़ अली ख़ान हैं. वैसे तो लोग 'दिल चाहता है' के बाद से ही उनकी अभिनय कला के क़ायल हो गए थे लेकिन फिर 'कल हो न हो' के बाद से तो उनका सिक्का पूरी तरह मज़बूत हो गया. अब उनकी नई उपलब्धि है शरतचंद्र के उपन्यास 'परिणीता' पर बन रही बांग्ला फ़िल्म में एक प्रमुख रोल. आपको यह बतादें कि यह फ़िल्म जब 1953 में बनी थी तो मुख्य भूमिकाएँ अशोक कुमार और मीना कुमारी ने निभाई थीं. पुरानी फ़िल्म को बॉक्स ऑफ़िस पर भी कामयाबी मिली और समीक्षकों ने भी उसे दिल खोल कर सराहा. इसलिए सैफ़ के सामने चुनौती काफ़ी बड़ी है. सैफ़ अली ख़ान की माँ शर्मिला टैगोर बांग्लाभाषी हैं इसलिए भाषा में तो उन्हें कोई दिक़्क़त आएगी नहीं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * आगे-आगे देखिए होता है क्या... 'कहो न प्यार है' और फिर 'ग़दर' में अमीशा पटेल को जितनी लोकप्रियता मिली वह कम ही लड़कियों के भाग्य में लिखी होती है.
लगता था उनके दरवाज़े पर प्रोड्यूसरों की लाइन लग जाएगी-लेकिन ऐसा हुआ नहीं. हालाँकि अमीशा इस बात से सख़्ती से इनकार करती हैं कि उनका जादू चुक गया है. वह कहती हैं कि उनकी आने वाली कुछ फ़िल्में उन्हें फिर एक नई पहचान दिला देंगी. इस कड़ी में वह विक्रम भट्ट की 'ऐलान', 'वादा' और 'मेरे जीवनसाथी' से बहुत उम्मीदें लगाए हैं. क्या उन्हें यह नहीं लगता कि सुनील दर्शन की नई फ़िल्म में करिश्मा कपूर और अक्षय कुमार के सामने वह कहीं खो जाएँगी? इस पर अमीशा का कहना है कि उनका रोल एक सीधीसादी मध्यमवर्गीय लड़की का है और अपने एक नए ही तरह के स्वरूप को लेकर वह बहुत उत्साहित हैं. * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * * डिस्को डांसर फिर डांस करेंगे आप में से बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि 80 के दशक के सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती आख़िर कहाँ गए.
तो आपको यह बतादें कि मिथुन दा अपने होटल के बिज़नेस में व्यस्त थे लेकिन अब वह फिर रुपहले परदे पर क़दम रख रहे हैं 'क्लासिक-डांस ऑफ़ लव' के ज़रिए. 'डिस्को डांसर', 'डांस-डांस', 'कमांडो' और 'क़सम पैदा करने वाले की' में उनके बेहतरीन डांस के नज़ारे देखने वाले दर्शकों को अंदाज़ा होगा कि इतने साल गुज़र जाने के बाद भी उनकी नृत्यकला वैसी ही जीवंत है. फ़िल्म में राजेश खन्ना, मेघना नायडू और नए कलाकार विकास अन्य प्रमुख भूमिकाओं में हैं. फ़िल्म नृत्यकला पर ही आधारित है और इसे संगीत से संजोया है भप्पी लाहिरी ने. वर्ष 1982 में रिलीज़ हुई अपनी पहली फ़िल्म 'डिस्को डांसर' से मिथुन चक्रवर्ती ने अपने कुछ ऐसे निष्ठावान प्रशंसक जुटा लिए थे जो आज भी उन्हें भूले नहीं हैं. |
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