'रेप' वाले बयान पर भारी पड़ेगा स्टारडम?

- Author, सुशांत मोहन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, मुंबई
सुबह सवा आठ बजे जब सड़कों पर ट्रैफ़िक नहीं होता तब सिनेमा हॉल में दर्शक मिल जाए तो समझना चाहिए किसी सुपरस्टार की फ़िल्म रिलीज़ हुई है.
बॉलीवुड के बॉक्स ऑफ़िस की जान, सलमान ख़ान की 'सुल्तान' बुधवार को रिलीज़ हो गई. मुंबई के अंधेरी इलाके में इसका पहला शो था.
प्रेस के लिए फ़िल्म का शो 10 बजे का रखा गया था जबकि फ़ैन्स के लिए मल्टीप्लेक्स को सुबह सवेरे से ही खोल दिया गया और फ़ैन्स भी फ़िल्म के लिए मौजूद रहे.
दिल्ली से आए 23 साल के राम ने कहा, "सलमान के लिए मैं दिल्ली से मुंबई आ सकता हूं तो फ़र्स्ट शो तो छोटी सी बात है."
हॉल के अंदर सलमान की एंट्री के साथ ही सीटियां और तालियां बजनी शुरू हो जाती है.
ध्यान रहे कि मल्टीप्लेक्स कोई सिंगल स्क्रीन थिएटर नहीं है. यहां 400 रुपए की टिकट ख़रीदने वाले दर्शक मौजूद हैं.

इमेज स्रोत, salman khan twitter page
फ़िल्म में सलमान हरियाणा के युवक सुल्तान का किरदार निभा रहे हैं. सुल्तान आरफा (अनुष्का) का प्यार पाने के लिए पहले पहलवानी सीखता है और फिर ओलंपिक का मेडल लाता है. दोनों की शादी हो जाती है लेकिन फ़िर कहानी में ऐसा मोड़ आता है जब आरफा और सुल्तान के प्यार में दरार पड़ जाती है और सुल्तान को कुश्ती भी छोड़नी पड़ती है.
सालों तक आरफा को मनाने की कोशिश में नाकाम रहने के बाद सुल्तान वापस कुश्ती में जाकर चीज़ें फिर से सुधारने की कोशिश करता है. और इस बार वो अखाड़े में नहीं, मिक्स मार्शल आर्ट्स में जाता है. लेकिन क्या वो यहां सफलता हासिल कर पाता है? क्या आरफा वापिस आती है? यही कहानी है जो बहुत कुछ फ़िल्म के प्रोमो से साफ़ भी हो जाता है.
लेकिन फ़िल्म में दर्शक इस सबसे उपर सलमान के एक एक मूव पर ताली बजाते हैं.
23 साल की कृपिता कहती हैं, "मैं ऑफ़िस जाने से पहले फ़िल्म देखने आई हूं और सलमान की बहुत बड़ी फ़ैन हूं."

क्या सलमान के 'रेप' वाले बयान पर उन्हें गुस्सा नहीं आया. इस बारे में वे कहती हैं, "मैं उनकी बात से बिल्कुल भी सहमत नहीं थी और उन्होंने ग़लत कहा था. लेकिन वो बात उन्होंने ग़लती से कह दी थी और एक ग़लती तो माफ़ होती है न."
फ़िल्म में सलमान एक हरियाणवी का किरदार निभा रहे हैं और ऐसे में उन्होनें हरियाणवी बोली भी है. लेकिन वो इसे बहुत ठीक से नहीं बोलते.
लेकिन अंबाला से आए सिमरन कहते हैं, "सर क्रिएटिव फ़्रीडम भी कोई चीज़ होती है, मुझे मालूम है कि उनकी भाषा ठीक नहीं थी लेकिन फ़िल्म कोई भाषा बोली पर तो बनी नहीं है, फ़िल्म अच्छी है और यही काफ़ी है."

यह मानना होगा कि भले ही फ़िल्म से पहले सलमान का विवादित बयान आया हो लेकिन सलमान के फ़ैन्स उन्हें बॉक्स ऑफ़िस का सुल्तान बना कर ही रहेंगे.
फ़िल्म में कुछ तथ्यात्मक कमियां हैं. मसलन भाषा, कुश्ती के दांवपेंच. लेकिन सलमान की इस 2 घंटे 50 मिनट की फ़िल्म में इमोशन, एक्शन और रोमांस का ऐसा तड़का है कि दर्शक को मनोरंजन मिलेगा ही मिलेगा.
सलमान ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में यह कहा भी था, "तीन घंटे और 400 रुपए देकर आए दर्शक को आपको एंटरटेन करना ही होगा और वो मैं करता हूं, यही मेरा काम है और इसमें मैं अच्छा हूं."
सलमान की इस बात को मैं अब समझ सकता हूं क्योंकि आज ईद तो नहीं थी, लेकिन फिर भी सुबह सवा आठ बजे का शो हाउसफुल था. और कल जब त्योहार और वीकेंड एक साथ आएगा तो फिर सुल्तान किसी से पीछे नहीं रहेगा.
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