साफ़ नहीं हैं सेंसर के नियम : नागेश कुकुनूर

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    • Author, सुप्रिया सोगले
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए

फ़िल्म 'उड़ता पंजाब' ने भले सेंसर बोर्ड से अपनी जंग जीत ली हो पर फ़िल्मकार नागेश कुकुनूर का मानना है कि उन्हें भी अपनी अगली फ़िल्म के लिए सेंसर बोर्ड से दिक्क़तें आएंगी.

शुक्रवार को रिलीज़ हुई फ़िल्म 'धनक' के सिलसिले में बीबीसी से रू-ब-रू हुए नागेश कुकुनूर ने कहा, "सेंसर बोर्ड के साथ हुई जंग में हमेशा दिक्कत इसलिए आती है क्योंकि नियम साफ़ नहीं हैं. इन्हें ना फ़िल्मकार समझ पाता है और ना ही सेंसर बोर्ड के सदस्य समझ पाते हैं. यदि वो स्पष्ट हो जाएं, तो प्रक्रिया आसान हो जाएगी."

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इस सवाल पर वो कहते हैं, "यह आप कभी मत सोचना की ऐसी लड़ाइयां भविष्य में नहीं होंगी. मुझे 100 फ़ीसद यक़ीन है कि मेरी अगली फ़िल्म पर सेंसर बोर्ड की जंग ज़रूर होगी."

हालांकि, नागेश ने अपनी अगली फ़िल्म के विषय पर बात करने से मना कर दिया.

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नागेश कुकुनूर की पहली फ़िल्म 'हैदराबाद ब्लूज़' में सेंसर ने 91 कट की मांग की थी. लेकिन रिव्यू कमिटी ने कुछ कट लगाकर फ़िल्म को सर्टिफिकेट दे दिया था.

नागेश ने कहा, "सेंसर बोर्ड के पास जब कोई नई चीज़ आती है, तो वो घबरा जाते हैं क्योंकि उनके पास पॉइंट ऑफ़ रेफरेंस नहीं होता और वो कहते हैं कि हमने यह भारतीय सिनेमा में पहले नहीं देखा. हम इसकी इजाज़त नहीं देंगे.

कई अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फ़ेस्टिवल में नागेश कुकुनूर की फ़िल्म 'धनक' ने काफ़ी वाहवाही लूटी और अवॉर्ड जीते.

लेकिन भारतीय दर्शकों के लिए उन्होंने फ़िल्म में कुछ बदलाव किए हैं.

इसकी वजह पूछने पर वो कहते हैं, "अंतरराष्ट्रीय दर्शक, भारतीय दर्शक से अलग हैं. इसलिए फ़िल्म में कुछ बदलाव किए हैं.''

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बदलावों के बारे में वो कहते हैं कि फ़िल्म में भारतीय दर्शकों के लिए कुछ गाने डाले हैं और कुछ भावुक सीन भी जोड़े गए हैं.

भारतीय बाल कलाकारों और बाल फ़िल्मों पर नागेश ने कहा, "भारतीय बाल फ़िल्म व्यस्क को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जाती हैं और भारत में बाल कलाकारों को जिस तरह से प्रशिक्षित किया जाता है, वो मुझे पसंद नहीं है.''

नागेश कहते हैं, ''मैं बच्चों से वयस्कों जैसा ही बर्ताव करता हूं और बच्चे भी बेहतर समझते हैं. फ़िल्म के दोनों बाल कलाकार क्रिश छाबरिया और हेतल गाड़ा ने कड़ी मेहनत की पर कभी शिक़ायत नहीं की."

नागेश कहते हैं कि यदि फ़िल्म में कोई स्टार ना हो तो हज़ार सवाल पूछे जाते हैं.

उन्होंने कहा कि इसलिए वो ऐसे निर्माताओं के साथ काम करते हैं जिन्हें उनके कॉन्टेंट पर भरोसा हो.

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