मुझे लोग फ़र्नीचर कहते थे: अक्षय कुमार

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार का कहना है कि जब वो इंडस्ट्री में आए थे, तो उन्हें लोग 'फ़र्नीचर' कहते थे.
हालिया रिलीज़ फ़िल्म 'हाउसफ़ुल 3' की सक्सेस पार्टी के दौरान जब अक्षय कुमार से पूछा गया कि वे गंभीर भूमिकाओं और कॉमेडी में कैसे तालमेल बैठा लेते हैं तो उनका जवाब था, "जब मैं इंडस्ट्री में आया था, तो लोग मुझे फ़र्नीचर कहते थे. अब मैं भी एक्टिंग कर ले रहा हूं, तो कोई भी कर सकता है."
अक्षय कुमार की ये लगातार दूसरी फ़िल्म है, जो सौ करोड़ के क्लब में शामिल हुई है. ऐसे में अक्षय को अपनी अगली फ़िल्म से क्या उम्मीद है?

वो कहते हैं, "बिलकुल, मैं चाहता हूं कि 'रुस्तम' भी सौ करोड़ कमाए, क्योंकि उसके लिए भी काफ़ी मेहनत की है और वो भी अच्छी बनी है."
कॉमेडी, एक्शन और इमोशनल सभी तरह की भूमिकाएं अक्षय के खाते में दर्ज हैं. लेकिन उनको किस तरह का किरदार बनना अधक पसंद है?
अक्षय ने कहा, ''मुझे स्लैपस्टिक कॉमेडी पसंद है. सिचुएशनल कॉमेडी में आपके पास कुछ करने को नहीं होता है, जबकि स्लैपस्टिक कॉमेडी में आपको अपने बॉडी लैंग्वेज से काम लेना होता है.''

असल में स्लैपस्टिक कॉमेडी में बॉडी लैंग्वेज का बढ़ाचढ़ाकर इस्तेमाल होता है.
सेंसर बोर्ड को लेकर हालिया विवाद पर उनका कहना है, "सेंसर बोर्ड अब सख़्त हो गया है, मेरी फ़िल्म 'देसी बॉयज़' को भी 'ए' सर्टिफ़िकेट मिला था."
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