कैबरे तो हेलेन भी करती थीं: ओम पुरी

- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
अभिनेता ओम पुरी का मानना है कि बॉलीवुड के आइटम सॉन्ग्स ने महिलाओं की छवि को नुकसान पहुंचाने में बड़ी भूमिका अदा की है.
'मिस टनकपुर हाज़िर हो' फिल्म में पुलिस वाले का किरदार निभा रहे ओम पुरी का कहना है, ''इस तरह के डांस नंबर्स से ही महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोच ख़राब होती है. एक महिला के आसपास नाचते 20 पुरुष उस महिला को एक ऑब्जेक्ट बना देते हैं."
तो क्या फिल्मों में आइटम सांग्स नहीं होने चाहिए, इस सवाल पर ओमपुरी कहते हैं कि वे आइटम नंबर्स को फ़िल्मों में रखने के ख़िलाफ़ कतई नहीं हैं लेकिन वो इन्हें शालीन बनाने की वकालत करते हैं.
पुराने ज़माने के आइटम नंबर्स का हवाला देते हुए ओम पुरी कहते हैं, "कैबरे तो हेलेन भी करती थीं लेकिन वो अश्लील नहीं होता था."
'टाइपकास्ट'

अपने आप को चरित्र अभिनेता क़रार देते हुए ओम पुरी कहते हैं, ''मेरे जैसे कलाकारों को शुरू से ही टाइपकास्ट कर दिया जाता है और हमारे लिए मसाला फ़िल्मों में खलनायक या कोई दूसरे तरीक़े के किरदार गढ़े जाते हैं.''
इन दिनों 60 साल से ऊपर के अभिनेताओं को केंद्र में रखकर पटकथा लिखे जाने पर वे कहते हैं, "ये कहानियां अमिताभ के लिए लिखी जाती हैं, हमें सितारा नहीं माना जाता, न ही हमारे लिए ऐसे किरदार लिखे जाते हैं."
हाल ही में कई फ़िल्मों पर सेंसर की कैंची के सवाल पर वे नेताओं को फ़िल्में देखने की सलाह देते हैं, ''...जो फ़िल्में सच के धरातल पर हों, उन्हें तो देखना ही चाहिए."
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