जब दिलीप कुमार के निकाह में दौड़े आए थे प्राण..

- Author, वंदना
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लंदन
प्राण..हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार, शायद सबसे स्टाइलिश विलेन और दमदार चरित्र अभिनेता....12 जुलाई 2013 को वे दुनिया को अलविदा कह गए थे. लेकिन उनकी फ़िल्मों के रूप में उनकी विरासत आज भी ज़िंदा है.
<link type="page"><caption> एक समय बच्चों का नाम प्राण नहीं रखा जाता था</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/07/130712_pran_profile_vr.shtml" platform="highweb"/></link>
ज़बरदस्त डायलॉग डिलिवरी, स्टाइलिश लिबास, बर्ख़ुरदार कहने का वो अंदाज़....ये सब उन्हें सबसे जुदा बनाता था.
तस्वीर में दिख रहा तांगा उनका अपना था. प्राण साहब के फ़िल्मों में काम करने को इत्तेफ़ाक ही कहा जाएगा. लाहौर में फ़ोटोग्राफ़ी करते हुए, किसी ने उन्हें देखा और पंजाबी फ़िल्म ऑफ़र की. पहले उन्होंने ठुकराई और फिर मान गए, बाकी इतिहास है.
<link type="page"><caption> प्राण ने 'शेर खान' बनने से कर दिया था मना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/07/130712_pran_sher_khan_dil.shtml" platform="highweb"/></link>

अमीन सयानी को दिए एक इंटरव्यू में प्राण साहब ने कहा था, "अगर बंटवारा न होता तो कौन कमबख़्त लाहौर छोड़कर बॉम्बे जाता."

बतौर विलेन प्राण ने देव आनंद, राज कपूर और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ किया.
<link type="page"><caption> खलनायकों, चरित्र अभिनेताओं का शहंशाह: प्राण</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/07/130713_pran_king_of_villains_rd.shtml" platform="highweb"/></link>
इसमें 'मधुमती', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'राम और शाम', ज़िद्दी, 'चोरी चोरी' जैसी फ़िल्में शामिल हैं. 'उपकार' में उन्होंने चरित्र अभिनेता के रोल भी किए.

कहते हैं कि प्राण साहब को शेरो-शायरी का भी ख़ूब शौक था और उर्दू ज़बान पर ज़बरदस्त पकड़ थी.
<link type="page"><caption> प्राण: वो सुपरविलेन जिसकी फ़ीस हीरो से भी ज़्यादा थी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/07/130713_pran_life_kapil_va.shtml" platform="highweb"/></link>

उनके परिवार में दो बेटे अरविंद और सुनील और बेटी पिंकी हैं.

इमेज स्रोत, bbc
अपने करियर की शुरुआत में पंजाबी फ़िल्मों में प्राण ने नूरजहां के साथ काम किया था. 1942 में नूरजहां के साथ आई फ़िल्म 'खानदान' के गाने काफ़ी मशहूर हुए थे.

दिलीप कुमार से उनकी गाढ़ी दोस्ती थी.

ट्विटर पर प्राण को याद करते हुए दिलीप कुमार ने लिखा था, "मुझे याद है कैसे प्राण मेरे निकाह के लिए ख़राब मौसम के बावजूद श्रीनगर से आया था. श्रीनगर से दिल्ली और वहां से शाम को मुंबई पहुंचा और निकाह से पहले मुझे गले लगाया."
<link type="page"><caption> प्राण के बेहतरीन डायलॉग: यहां शेर खान को कौन नहीं जानता...</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/07/130713_pran_famous_dialogue_sp.shtml" platform="highweb"/></link>

सुनील दत्त हों, शम्मी कपूर या अमिताभ बच्चन सबसे उनके अच्छे संबंध थे.
(तस्वीरें प्राण साहब के परिवार की ओर से उपलब्ध करवाई गई हैं.)
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