महिलाओं का खुले में शौच जाना शर्मनाक: विद्या बालन

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- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
कई हीरोइन प्रधान फ़िल्मों में काम कर चुकी विद्या बालन क्या मानती हैं कि भारत में महिलाओं की स्थिति मज़बूत हुई है?
फ़िल्म 'बॉबी जासूस' के सिलसिले में मैंने STYसबसे बड़ा ख़ान मेरे साथ है: विद्या बालनसबसे बड़ा ख़ान मेरे साथ है: विद्या बालन'शादी के साइड इफेक्टस' बताने वाली विद्या बालन से जानिए कि क्यों नहीं किया उन्होंने किसी भी 'ख़ान' के साथ काम और इन दिनों अभिनेत्रियों का करियर लंबा क्यों नहीं होता. 2014-02-28T17:40:59+05:302014-03-02T07:09:21+05:30PUBLISHEDhitopcat2 से यह पूछा तो वह बोलीं, "मैं बड़े शहर में रहती हूं. फ़िल्मों में काम करती हूं तो शायद मैं इस बात का जवाब ठीक से न दे पाऊं."
"सच तो यह है कि छोटे शहरों और गांवों में अब भी हालात चिंताजनक हैं. महिलाएं जूझ रही हैं और छोटे क्या बड़े शहरों में भी महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. यह बड़ी शर्मनाक बात है."
विद्या पूरी तरह से निराश भी नहीं हैं. वह कहती हैं कि लोग जागरूक हो रहे हैं और छोटे-छोटे क़दम ही सही पर सुधार की दिशा में प्रयास हो रहे हैं.
शौचालय की ज़रूरत

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गांवों में महिलाओं की दशा सुधारने के लिए क्या करना चाहिए?
विद्या ने फ़ौरन कहा, "घरों में शौचालय बनाने की दिशा में तेज़ी से काम करना चाहिए. कितने शर्म की बात है कि महिला ही घर की सबसे बड़ी ताक़त होती है और उसे इस तरह से खुले में शौच करने जाना पड़ता है."
STYमैं पुलिस की नहीं सुनती: विद्यामैं पुलिस की नहीं सुनती: विद्याविद्या बालन ने अपने अभिनय का लोहा कई दफे मनवाया है लेकिन इसके बावजूद वो सवालों के घेरे में रहती हैं. क्या हैं ये सवाल और क्या है विद्या का जवाब. पढ़िए.2013-05-31T16:32:57+05:302013-05-31T17:24:31+05:30PUBLISHEDhitopcat2
विद्या भारत सरकार की एक मुहिम से जुड़ चुकी हैं, जिसके तहत गांवों में घरों में शौचालय बनाने के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए गए थे. विद्या दावा करती हैं कि उनकी यह मुहिम बहुत कामयाब रही.
बहुरुपिया विद्या
विद्या बालन की फ़िल्म 'बॉबी जासूस' चार जुलाई को रिलीज़ हो रही है जिसमें विद्या बालन, जासूस बनी हैं और उन्होंने अलग-अलग रूप बदले हैं.
STYघरेलू नौकर बनकर क़ातिल महिला को पकड़ाघरेलू नौकर बनकर क़ातिल महिला को पकड़ाकई पेचीदा केस को सुलझाने वाली ऐसी महिला जासूसों की दास्तां जो सामान्य महिलाओं की तरह रहती हैं और उनके आसपास के लोग भी नहीं जानते कि वे जासूस हैं.2014-06-11T18:11:12+05:302014-06-12T08:47:24+05:302014-06-12T08:47:24+05:302014-06-12T08:47:24+05:30PUBLISHEDhitopcat2

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वो कहती हैं, "एक दफ़ा शूटिंग के दौरान मैंने एक पुरुष का वेश धरा था. हमारे क्र्यू का लाइटमैन मुझे पहचान नहीं पाया और उसने बहुत ख़राब ढंग से मुझे हकालते हुए कहा, ओए, हटो वहां से. लेकिन जब उसे पता लगा कि ये मैं हूं तो वह बेचारा बड़ा शर्मिंदा हुआ. मैं हंसते-हंसते पागल हो गई."
विद्या बालन अपने विविधतापूर्ण रोल चयन के पीछे की वजह बताते हुए कहती हैं, "कोई रॉकेट साइंस नहीं है. मैं बहुत जल्दी बोर हो जाती हूं. इसलिए अलग-अलग रोल करती हूं."
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