शाहरुख, सलमान की 'बहादुरी' की हक़ीकत

- Author, मधु पाल
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘रांझणा’ में एक दृश्य है जिसमें धनुष और सोनम कपूर स्कूटर सहित गंगा नदी में गिर जाते हैं.
स्क्रीन पर तो पानी में गिरते हुए सोनम कपूर ही नज़र आती हैं. लेकिन असल में वो सोनम नहीं बल्कि एक पुरुष हैं. जिन्होंने दरअसल इस जोखिम भरे दृश्य को अंजाम दिया है.
उसी तरह से 'रा.वन' में शाहरुख खान के कई स्टंट हों या अग्निपथ में ऋतिक रोशन के, बॉलीवुड में ये आम बात है जब किसी मुश्किल या जोखिम भरे दृश्य को अंजाम देना होता है तो निर्माता किसी बड़े बॉलीवुड स्टार की जान जोखिम में बिलकुल नहीं डालना चाहते.

इसके लिए स्टंटमैन का इस्तेमाल किया जाता है. जो हीरो या हीरोइन की जगह उस सीन को करते हैं.
हां, लेकिन परदे पर तालियां स्टार को ही मिलती हैं. आइए मिलाते हैं ऐसे ही बॉलीवुड के ऐसे ही कुछ ‘असल एक्शन हीरोज़’ से.
विक्रम सिंह दाहिया, स्टंटमैन (उन्हीं की ज़ुबानी)
"मैं इस प्रोफेशन में छह सालों से हूं. मुझसे पहले मेरे पिताजी भी इसी प्रोफेशन से जुड़े थे. उन्होंने अमिताभ बच्चन की 'डॉन' से लेकर 'आखिरी रास्ता' तक, धर्मेंद्र की 'लोहा' सहित कई फिल्मों में स्टंट किया.

निर्माता नहीं चाहते कि जिस स्टार पर करोड़ों रुपए लगा हो उसकी जान ख़तरे में डाली जाय. इसलिए ख़तरनाक दृश्यों के लिए हमारा इस्तेमाल किया जाता है.
मैंने अजय देवगन 'वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई', रणबीर कपूर की 'अजब प्रेम की ग़जब कहानी' और 'ये जवानी है दीवानी' और ऋतिक रोशन की 'अग्निपथ' जैसी फिल्मों के लिए स्टंट किया है.
स्टंट करते वक़्त इस बात का ध्यान रखा जाता है कि स्टंटमैन की कद काठी, वज़न वगैरह हीरो से मिलना चाहिए. तभी आपको काम मिलता है."
सुरक्षा

"हमारे लिए बीमा जैसी कोई व्यवस्था नहीं होती. क्योंकि ख़तरनाक सीन करना ही हमारा काम है. इसमें चोट लगना तो बेहद आम बात है.
कभी कोई बड़ी दुर्घटना हो गई तो हमारे परिवार को निर्माता मुआवज़ा दे देता है. बस, इससे ज़्यादा कुछ नहीं.
<link type="page"><caption> (अक्षय की ख्वाहिश)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2011/06/110603_akshay_kumar_kkr_ar.shtml" platform="highweb"/></link>
आने वाली फिल्म 'सत्याग्रह' में मेरा एक सीन है जहां स्टेज पर अमिताभ बच्चन, करीना कपूर और अजय देवगन खड़े होते हैं और मैं अपने पूरे शरीर में आग लगाता हूं.
अलग-अलग कैमरे एंगल से शूट करने के लिए मुझे अपने शरीर में 6-7 बार आग लगानी पड़ी. सीन ख़त्म होने के बाद ख़ुद अमिताभ बच्चन मेरे पास आए और बोले, "बेटा तुमने बहुत अच्छा काम किया." मुझे लगा कि जैसे मेरा जीवन ही सफल हो गया हो."
(नोट- विक्रम ने ही रांझना में सोनम कपूर की जगह पर नदी में छलांग लगाई थी)
सनोबर, स्टंटगर्ल (उन्हीं की ज़ुबानी)

"पहले तो मैं एक बात साफ करना चाहूंगी कि मैं स्टंटगर्ल हूं, बॉडीडबल नहीं. बॉलीवुड में कई लड़कियां बॉडीडबल का काम भी करती हैं, जैसे फिल्म में कोई अंतरंग दृश्य हो या कोई अंगप्रदर्शन वाला सीन, तो मुख्य हीरोइन ना करके उसे उसकी बॉडीडबल करती है. लेकिन मैं सिर्फ स्टंट करती हूं.
मैं 14 सालों से स्टंट कर रही हूं. जब मैं 12 साल की थी तो पहली बार ऐश्वर्या राय के लिए स्टंट किया था.
मुझे 20 फीट की ऊंचाई से छलांग लगानी थी. मैं जिमनास्ट होने के साथ साथ मार्शल आर्ट भी जानती हूं और तैराकी में भी निपुण हूं. मैंने 'रब ने बना दी जोड़ी' और 'जब तक है जान' में <link type="page"><caption> अनुष्का</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/01/130123_anushka_pkp.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए बाइक चलाई है.

'वीर ज़ारा' में पहाड़ों में फंसी प्रीति ज़िंटा को जब शाहरुख ख़ान हेलीकॉप्टर से बचाते हैं वो सीन मैंने किया है. मैंने 'द डर्टी पिक्चर' के लिए भी पानी के अंदर वाले कुछ दृश्य विद्या बालन के लिए किए.
मैं चाहती हूं कि अभिनेत्री बनूं लेकिन अब तक मेरे पास कोई प्रस्ताव नहीं आया. कोशिश जारी है. आनेवाली फिल्म 'रामलीला' में दीपिका पादुकोण के लिए स्टंट कर रही हूं."
हबीब सैयद, स्टंटमैन (उन्हीं की ज़ुबानी)

"मेरे पिता हाजी सैयद भी एक स्टंटमैन थे. 1991 में फिल्म 'हमला' के एक दृश्य में वो अनिल कपूर के लिए बॉडी डबल थे. वो सीन करते हुए उनकी मौत हो गई थी. मेरे पिता इससे पहले 'द बर्निंग ट्रेन' में स्टंट करते हुए जल भी गए थे.
मैंने जॉन अब्राहम की फिल्म 'धूम' के लिए बाइक पर ढेर सारे स्टंट किए. तब से मैं जॉन का फेवरिट बन गया.
इस साल रिलीज़ हुई फिल्म <link type="page"><caption> 'रेस-2'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/01/130125_filmreview_race2.shtml" platform="highweb"/></link> के लिए भी मैंने ही स्टंट किए. शाहरुख ख़ान की बहुचर्चित फिल्म 'रा.वन' के लिए भी मैंने कई सीन किए.

इसमें मैंने शाहरुख के अलावा करीना के लिए भी एक कार वाला स्टंट विग और साड़ी पहनकर किया.
परिणीति चोपड़ा के लिए भी 'लेडीज़ वर्सेस रिकी बहल' में मैंने एक सीन किया था."
परिवार

"मेरे पिताजी की मौत के बाद मेरी मां और अब मेरी बीवी बहुत चिंता करते हैं. हमें ये काम शुरू करने से पहले दो साल ट्रेनिंग लेनी पड़ती है.
हमारी मुंबई में एक यूनियन भी है जो कोई दुर्घटना होने पर स्टंटमैन के परिवार को सहायता प्रदान करती है.
हाल ही में हमारी यूनियन का एक सदस्य शाहरुख ख़ान की फिल्म 'चेन्नई एक्सप्रेस' का स्टंट करते हुए जख़्मी हो गया था, तब शाहरुख ने उसे आर्थिक मदद दी थी."
सुरक्षा
"जैसे-जैसे वक़्त आगे बढ़ रहा है, हमारी हिफ़ाज़त के इंतज़ाम बेहतर होते जा रहे हैं. पहले किसी ऊंची बिल्डिंग से छलांग लगाते वक़्त केबल वायर नहीं होते थे, जो अब होने लगे हैं.
पहले कूदने वाले दृश्यों में नेट होता था. अब काफी गद्दे और बॉक्सेस होते हैं. हालांकि दुर्घटनाएं अब भी हो जाती हैं लेकिन पहले की तुलना में काफी कम होती हैं.
मेरा एक 15 साल का बेटा है, मैं नहीं चाहूंगा कि वो कभी भी स्टंटमैन बने."
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