मेरी एक फ़नी साइड भी है-संजय लीला भंसाली

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संजय लीला भंसाली ने भले ही खामोशी, देवदास, ब्लैक और गुज़ारिश जैसी गंभीर फ़िल्में बनाई हैं. लेकिन वो कहते हैं कि वो जितने संजीदा हैं उतने ही मज़ाकिया भी हैं.
संजय का कहना है, “मेरी एक ‘फ़नी साइड’ भी है. ‘देवदास’ के दौरान शाहरुख़ ख़ान के साथ, या फिर ‘ब्लैक’ के दौरान रानी मुखर्जी के साथ हम लोग इतना हंसते थे कि कुर्सी से गिर जाते थे. मैं हमेशा चुटकुले सुनाता रहता हूं, मुझे हंसना बहुत पसंद है. हंसने वाले लोग और ऐसे लोग जो दूसरों को हंसा सकते हैं, मुझे ऐसे लोग बहुत पसंद हैं.”
ये बात संजय लीला भंसाली ने हाल ही में सिंगिंग रियेल्टी शो, एक्स फ़ैक्टर के पत्रकार सम्मेलन के दौरान कही. संजय इस शो को सोनू निगम और श्रेया घोषाल के साथ जज कर रहे हैं.
एक्स फ़ैक्टर
ये पूछे जाने पर कि आखिर एक्स फ़ैक्टर क्या होता है, संजय का कहना था, “एक्स फ़ैक्टर एक ‘ऑरा’(aura) है जो कुछ लोगों में होता है. जितने भी बड़े-बड़े आर्टिस्ट हैं उनमें कुछ ख़ास होता है जो एक्स फ़ैक्टर है. वो एक अंदर का नूर होता है, सकारात्मकता होती है.”
संजय मानते कि उनका एक्स फ़ैक्टर उनका मेहनती स्वभाव है. इस बारे में उनका कहना था, “मेरा कोई एक्स फ़ैक्टर होता तो फिर मैं क्या-से-क्या होता. मेरा एक्स फ़ैक्टर मेरी मेहनत है, मैं बहुत मेहनती हूं और अपने काम के प्रति बहुत ईमानदार हूं.”
वहीं श्रेया घोषाल मानती हैं कि उनका एक्स फ़ैक्टर उनकी आवाज़ और गाने का अंदाज़ है.

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ख़ुद रियेल्टी शो में हिस्सा ले चुकीं श्रेया कहती हैं कि इससे उन्हें प्रतियोगियों को समझने में आसानी होती है लेकिन जज होना बिल्कुल अलग बात है.
श्रेया को बॉलीवु़ड में ब्रेक ऐसे ही एक रियेल्टी शो के ज़रिए मिला था. कुछ लोगों का मानना है कि आज इस तरह के अनेकों रियेल्टी शोज़ होने के बावजूद इन्हें जीतने वाले कलाकारों को अक्सर बड़ा मंच नहीं मिल पाता.
लेकिन सोनू निगम इस बात को पूरी तरह से नहीं मानते. वो कहते हैं कि सिर्फ़ श्रेया घोषाल ही नहीं बल्कि सुनिधि चौहान, कुणाल गांजावाला और श्वेता पंडित जैसे कई गायकों को इन्हीं रियेल्टी शोज़ के ज़रिए बॉलीवुड में ब्रेक मिला.
मगर सोनू ये भी कहते हैं, “जो अच्छा गाता है, उसे ब्रेक मिलता है लेकिन इसके लिए मेहनत और संघर्ष करना भी ज़रूरी हैं.”
इन दिनों ‘एक्स फ़ैक्टर’ के ऑडिशन्स दिखाए जा रहे हैं और ये चार जून तक दिखाए जाएंगे.












