रणबीर कपूर: 'बलम पिचकारी' वाले हीरो को लगता है पानी से डर

    • Author, सुप्रिया सोगले
    • पदनाम, बीबीसी डॉट कॉम के लिए

पिछले साल निजी और व्यावसायिक वजहों से चर्चा में रहे अभिनेता रणबीर कपूर अब लव रंजन की रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म 'तू झूठी, मैं मक्कार' के साथ बड़े परदे पर आने के लिए तैयार हैं.

रणबीर कपूर हाल में पिता बने हैं. पिता बनने के बाद के अनुभव पर उन्होंने कहा, "यह जादुई है, अभी तो केवल साढ़े तीन महीने हुए हैं और मैं खुद से सीख रहा हूं. हालांकि अपनी बेटी राहा को डकार दिलाने और सुलाने में माहिर हो गया हूं."

रणबीर अपनी पत्नी आलिया भट्ट को ट्रेड पंडित मानते हैं. उनका कहना है कि आलिया अभी से उनकी फ़िल्म की एडवांस बुकिंग पर नज़र है, वो ट्रेंड विश्लेषक से बातचीत कर रही है क्यूंकि यह सब करने में उन्हें आनंद मिलता है.

रणबीर ने बताया, "जब आप आलिया भट्ट जैसी योग्य अभिनेत्री के साथ रहते हों तो उनका फीडबैक मूल्यवान होता है पर अफ़सोस की बात है कि उसे 'शमशेरा' भी पसंद आई जो फ्लॉप हो गई थी. मुझे लगता है कि वो मेरी चीयर लीडर हैं और मुझे बहुत प्यार करती हैं."

रणबीर मानते हैं उनकी ज़िंदगी में दो महिलाएं एक मां नीतू कपूर और दूसरी पत्नी आलिया भट्ट की अहम भूमिका है.

ज़िंदगी या फ़िल्मों में अगर वे कुछ ग़लती करते हैं तो दोनों उन्हें सच बता देती हैं. रणबीर अपने आप को अच्छा बेटा नहीं मानते, अच्छा पति नहीं मानते और ना ही अपने आप को अच्छा भाई मानते हैं मगर उनमें खुद को बेहतर बनाने की चाहत ज़रूर है.

पानी से डरते हैं रणबीर

होली के मौके पर रिलीज़ हो रही फ़िल्म को लेकर रणबीर खासे उत्साहित हैं. उन्हें ये भी ख़ुशी है कि उन पर फ़िल्माया एक मशहूर होली गीत 'बलम पिचकारी' लोगों की ज़ुबान पर है और हर होली में बजता है.

वैसे रणबीर कहते हैं, उन्हें 'वाटर फोबिया' है. हालांकि वो बचपन में होली खेला करते थे पर जैसे जैसे बड़े होते गए उनके अंदर पानी का डर बढ़ता गया और वो अपने आप को अब 'फोबिक' मानते हैं. उन्हें पानी से डर लगता है.

फ़िल्म 'तू झूठी, मैं मक्कार' में पानी के एक सीन के लिए वो हफ्तों तक निर्देशक लव रंजन से रूठे रहे. इस डर के कारण रणबीर कपूर ने पानी के दृश्यों वाली कई फ़िल्मों में काम करने से भी इनकार किया है.

रणबीर की नज़र में 'स्टारडम'

रणबीर कपूर अपने 15 साल के करियर से संतुष्ट तो नहीं है लेकिन उन्हें फ़िल्मों के अपने चयन की ख़ुशी है.

वो कहते हैं कि उन्होंने सफलता और असफलता को अपनाया है पर कभी दबाव में आकर किसी ग़लत वजह से कोई फ़िल्म नहीं की.

रणबीर के मुताबिक उन्होंने अपनी नाकामी से बहुत कुछ सीखा ज़रूर है लेकिन उन्हें लगता नहीं कि वो कुछ ख़ास हासिल कर सके हैं.

स्टारडम की चर्चा करते हुए रणबीर कपूर ने लता मंगेशकर का किस्सा सुनाया.

जब वो अभिनेता नहीं बने थे तब मुंबई के एक होटल के कॉफ़ी शॉप में एक पार्टी में खाना खा रहे थे, तब उन्होंने देखा, "लता मंगेशकर साड़ी में लिफ्ट से नीचे आयीं और होटल के दूसरी तरफ़ जाने के लिए कॉफ़ी शॉप से गुज़रीं, तब कॉफ़ी शॉप में बैठे तमाम लोग लता जी के आदर के लिए खड़े हो गए, ये बहुत ही अद्भुत नज़ारा था. किसी ने उन्हें परेशान नहीं किया बस आदर के रूप में खड़े हो गए और वो नमस्ते करते हुए दूसरी ओर चली गईं."

अपने दादा राज कपूर का एक किस्सा साझा करते हुए रणबीर ने दावा किया, "जब वो रूस में अपनी एक फ़िल्म के प्रीमियर पर गए और फ़िल्म ख़त्म होने के बाद बाहर आए तो हज़ारों की संख्या में रूसी फैंस सिनेमाघर के बाहर खड़े थे, उन्होंने फैंस की तरफ़ हाथ लहराया और गाडी में बैठ गए. उस भीड़ ने गाडी उठा ली और चलकर होटल तक छोड़ा."

रणबीर के मुताबिक़ ये 'स्टारडम' होता है जो 'कमांड करता है डिमांड नहीं.' पर वो मानते हैं की आज के दौर में ऐसा स्टारडम अस्तित्व में नहीं रहा.

जहाँ हर सेलब्रिटी सोशल मीडिया में अपनी ज़िंदगी दर्शाने की होड़ में है, वहीं रणबीर कपूर उन चुनिंदा अभिनेताओं में हैं जिन्होंने सोशल मीडिया से अपने आप को दूर रखा है.

हालांकि सोशल मीडिया पर न होने का उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ा है. उनके हाथ से कई विज्ञापन और पैसे कमाने के मौके छूट गए हैं. लेकिन रणबीर का मानना है की ये 'त्याग' उन्हें बेहतर ही बनाएगा क्यूंकि वो अपने करियर को लंबे समय में देख रहे हैं.

अब किस बायोपिक में दिखेंगे रणबीर?

अच्छे अभिनेताओं में गिने जाने वाले रणबीर कपूर ने अपने करियर में संजय दत्त की बायोपिक फ़िल्म 'संजू' में काम किया था जिसके निर्देशक राजकुमार हिरानी थे.

संजू फ़िल्म में अभिनय से उन्होंने काफी वाहवाही बटोरी.

इन दिनों वो एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. इसकी वजह है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक.

रणबीर कपूर ने साफ़ किया कि अभी तक उन्हें इसके लिए संपर्क नहीं किया गया है. लेकिन वो कहते है,"दादा (सौरव गांगुली) केवल भारत में ही नहीं पर पूरे विश्व में बहुत बड़ी शख्सियत हैं. लेकिन बायोपिक बहुत ही पेचीदा होती है कि आप किस तरह से उनकी ज़िन्दगी को पिरो रहे हो. उनका जन्म, उपलब्धि, व्यक्तिगत ज़िंदगी और उनके टकराव. अगर दादा की बायोपिक मेरे पास आती है तो ज़रूर विचार करेंगे"

वहीं, किशोर कुमार की बायोपिक पर निर्देशक अनुराग बासु 11 साल से काम कर रहे है लेकिन अभी तक स्क्रिप्ट लॉक नहीं हुई है.

लंबे समय से अकटलें लगाई जा रही थीं कि हिंदी सिनेमा के शोमैन राज कपूर की बायोपिक फ़िल्म बने.

अपने दादा शोमैन राज कपूर की बायोपिक को लेकर रणबीर कहते हैं, "उनकी बायोपिक थोड़ी मुश्किल होगी क्यूंकि उनकी ज़िंदगी विवादित रही और बायोपिक बनाने के लिए ईमानदार होना ज़रूरी है क्यूंकि कोई प्रोपोगैंडा फ़िल्म नहीं बनाना चाहते. मेरी महत्वकांक्षा है पर मैं लेखक नहीं हूँ. मैं संघर्ष कर रहा हूँ लेकिन मुझे लगता है कि उनकी बायोपिक बहुत अच्छी होगी."

अपने पिता ऋषि कपूर की बायोपिक पर रणबीर कहते है कि, "मेरे पिता खुली किताब हैं और सब ये जानते हैं. जिस तरह से वो घर पर रहते थे वैसे ही वो बाहर रहते थे. उन्होंने अपनी ज़िंदगी की सभी बातें लोगों के सामने रखी हैं. मुझे नहीं पता पर शायद 30 साल बाद मेरा बेटा या बेटी उनपर फ़िल्म बनाए."

लव रंजन द्वारा निदेशित 'तू झूठी मैं मक्कार' फ़िल्म 10 मार्च को रिलीज़ हो रही है.

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