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'शमशेरा', 'ब्रह्मास्त्र' और आलिया पर रणबीर कपूर बोले- आलसी हूँ, पिता बनने के बाद और आलसी हो जाऊंगा
- Author, मधु पाल
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी फ़िल्म 'शमशेरा' के प्रमोशन में व्यस्त हैं.
साल 2018 में फ़िल्म 'संजू' में दिखने के करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद उनकी लगातार दो फ़िल्में इस साल रिलीज़ होने जा रही है.
पहली फ़िल्म 'शमशेरा' और दूसरी उन्हीं के द्वारा प्रोड्यूस की गई फिल्म 'ब्रह्मास्त्र.'
इस लंबे अंतराल का ज़िक्र करते हुए रणबीर कहते हैं, "मैं मानता हूँ कि करीब चार साल बाद आ रहा हूँ लेकिन मेरे हाथ में कुछ नहीं था. मैं इन दोनों ही फ़िल्मों में व्यस्त था और दोनों ही फ़िल्म ने मेरा समय ले लिया. वहीं, मेरे पिता ऋषि कपूर बीमार पड़ गए थे. उनके लिए मैंने अपना सारा वक़्त दे दिया."
"हर किसी की परिवार के प्रति एक ज़िम्मेदारी होती है और हर किसी की ज़िंदगी में ऐसा मोड़ आता है जब उन्हें अपने परिवार को संभालने की ज़रूरत होती है. मैं एक अभिनेता हूँ, इसलिए ज़िम्मेदारी निभा रहा हूँ, ऐसा नहीं है. हर कोई इस दौर से गुज़र कर ज़िम्मेदार बन जाता है. लोग मेरी तरक्की और हार की बात करते हैं लेकिन इन चार सालों में मैं अपने करियर को लेकर कभी व्याकुल नहीं हुआ. मेरे अंदर एक अच्छी बात है कि मैं सब्र रखने वाला इंसान हूँ."
'पिता बनना सबसे ज़्यादा मायने रखता है'
रणबीर कपूर न ही किसी सोशल मीडिया पर हैं और ना ही उन्हें अपनी पर्सनल लाइफ़ को लेकर चर्चा करना पसंद है. शादी भी हुई तो बहुत ही साधारण तरीके से.
क्या रणबीर कपूर को खुद की मार्केटिंग करना पसंद नहीं हैं?
इस सवाल पर रणबीर बीबीसी हिंदी से कहते हैं, "मार्केटिंग करना मेरे लिए सबसे मुश्किल काम है. उस पर बात करना, फिर वो शादी हो या फिर अब बच्चा. ये मेरे पल हैं. इन्हें ख़ुशी से जीना पसंद करता हूँ. इस साल मेरी दो फ़िल्में आ रही हैं. मैं और दो फ़िल्मों में काम कर रहा हूँ."
"शादी भी हो गई है. हमारे परिवार में इस साल बच्चा भी आने वाला है. पिता बनना मेरे लिए सबसे ज़्यादा मायने रखता है. इस जीवन का मैं आभारी हूँ कि बहुत सी अच्छी चीज़ें मेरी ज़िंदगी में हो रही हैं."
'मुझे ज़्यादा खुश होने से डर लगता है'
रणबीर कपूर पिता बनने की ख़ुशी को कुछ इन शब्दों में ज़ाहिर करते हैं, "मैं अभी तक समझ नहीं पाया हूँ कि मैं कितना खुश हूँ. ख़ुशी के साथ-साथ बहुत डर भी है कि सब कुछ ठीक से होगा, सब सही से हो जाएगा कि नहीं. मैं और आलिया बेहद खुश हैं. ये हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी ख़ुशी है. हम इसके हर पल को जीना चाहते हैं."
"शमशेरा के मेरे निर्देशक करण मल्होत्रा हाल ही में पिता बने हैं और मैं उनसे बहुत से टिप्स ले रहा हूँ. बच्चे को किस तरह से पकड़ना चाहिए, कैसे ख्याल रखना चाहिए. मैं आलिया से दो महीने बाद मिल रहा हूँ क्यूंकि वो एक हॉलीवुड प्रोजेक्ट में काम कर रही थी. एक दूसरे के साथ वक़्त बिताने के लिए अब जाकर हमें वक़्त मिलेगा."
"एक चीज़ जो मैंने महसूस की है कि जब आप माता-पिता बन जाते हो या बनने वाले होते हो तो आपकी रेस्पेक्ट और बढ़ जाती है. अपने माँ-पिता की तरफ और मुझे लगता है कि अब तक जो मेरी अपब्रिंगिंग (परवरिश) रही है, जो वैल्यू सिस्टम मेरे माता-पिता ने मुझे दिए हैं, मेरी बहन को मिला है. मैं उसे आगे लेकर जाना चाहता हूँ."
"एक बार बच्चा आ जाता है तो आप अपने आप ही सब कुछ सीख जाते हो. अपने बच्चे के लिए सब कुछ करना शुरू कर देते हो और ज़िंदगी में पहले से ज़्यादा संजीदा हो जाते हो. मैं बहुत आलसी इंसान हूँ और बच्चा आने के बाद मैं और भी बड़ा आलसी इंसान बन जाऊंगा क्यूंकि मैं बच्चे के साथ ज़्यादा वक़्त बिताना पसंद करूँगा."
'शादी के वक़्त...'
रणबीर अपने पिता ऋषि कपूर का ज़िक्र करते हुए कहते हैं, "मैं अपने पिता की तरह भगवान को बहुत मानता हूँ. मेरे पिता दिन में दो बार पूजा करते थे. जब भी वो कहीं जाते थे, रास्ते में गाड़ी में बैठे हुए उन्हें जब भी कोई भी छोटा-बड़ा मंदिर मिलता था तो वो हाथ जोड़कर पूजा किया करते थे. उनके ज़रिये ये आदत मुझ में भी आ गई."
"सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए कि मैं शादी के वक़्त मंत्र बहुत ध्यान से सुन रहा था, वो इसलिए क्योंकि शादी होना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात है. इसलिए मैं सब कुछ जानना चाहता था कि पंडित मंत्र के ज़रिये क्या बोल रहे हैं. वो कुछ गलत तो नहीं बोल रहे हैं, कोई गलत शादी ना करवा दे, इसलिए बड़े ध्यान से सुन रहा था."
"मैं संजीदा इंसान नहीं हूँ लेकिन मुझे ख़ुशी और दुख दिखाना नहीं आता है. जब दुखी होता हूँ तब भी वैसा रहता हूँ और जब खुश होता हूँ तब भी वैसा ही रहता हूँ. खुशी जब ज्यादा होती है तो मुझे डर लगता है क्योंकि खुशी एक ऐसी चीज़ है जो ऐसे निकल जाती है जिसका आपको पता भी नहीं चलता है. तो मैं अपने आप को ऐसी ट्रेनिंग देता हूं कि जब बुरा वक़्त चलता है तो मुझे ज्यादा बुरा नहीं लगता और जब ख़ुशी वाला वक़्त चलता है तो मैं बहुत ज्यादा खुश नहीं होता. मैं थोड़ा बैलेंस तरीके में रहता हूं."
'मेरे पिता सख्त इंसान थे लेकिन...'
रणबीर कपूर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं, "मेरे पिता मेरे लिए जितने भी सख्त थे लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे और मेरी बहन को बहुत प्यार दिया है... बहुत सीख दी है, बहुत सपोर्ट दिया है, बहुत एक्स्पोज़र दिया है लाइफ़ में, जिंदगी के बारे में... उन्होंने हमें दुनिया दिखाई. हमारे पढ़ाई के लिए हमें विदेश भी भेजा और भी बहुत कुछ किया है हमारे लिए. वही संस्कार हमारे में भी कहीं ना कहीं हैं. वही संस्कार मैं आगे भी बढ़ाना चाहूंगा."
'शमशेरा' डकैत की कहानी कहती है, क्या आज के दौर में फिट बैठ पाएगी? रणबीर कपूर इसका जवाब देते हैं, "आज कल सोशल मीडिया पर लोग अपनी राय देने लगे हैं. लेकिन मैं एक ही बात मानता हूँ कि अगर फ़िल्म की कहानी अच्छी है तो वो चलेगी. अगर अच्छी नहीं है तो नहीं चलेगी. मुझे याद है जब मैंने 'संजू' साइन की थी तो कितने लोगों ने कहा था कि क्या रणबीर 'संजू' का किरदार निभा पाएगा. कहां संजय दत्त और कहां रणबीर? लेकिन जब फ़िल्म रिलीज़ हुई तो उसका जादू चल गया. उसी तरह कहानी जब अनफोल्ड होगी बड़े पर्दे पर तभी आपको एक सही नजरिया मिलेगा कि ये फ़िल्म अच्छी है या नहीं."
रणबीर कपूर और वाणी कपूर स्टारर फिल्म 'शमशेरा' 22 जुलाई को रिलीज हो रही है.
इसमें संजय दत्त विलेन की भूमिका निभाते नजर आएंगे. फिल्म में संजय दत्त का लुक काफी खौफ़नाक है और रणबीर डबल रोल में दिखाई देंगे. इस फिल्म का निर्देशन करण मल्होत्रा ने किया है.
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