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मेरे और पिता के रिश्तों में डर है: रणबीर कपूर
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
अभिनेता संजय दत्त के जीवन पर पर बनी फ़िल्म संजू में रणबीर कपूर मुख्य अभिनेता हैं.
बीबीसी हिन्दी को दिए इंटरव्यू में रणबीर कपूर ने कहा कि राजकपूर के जीवन पर फ़िल्म बननी चाहिए, क्योंकि उनके जीवन में बहुत कुछ था.
रणबीर ने कहा कि उनके जीवन में इतना कुछ था कि अगर सिर्फ़ किसी हिस्से पर फ़िल्म बनाई जाए तो उनके परिवार को पसंद नहीं आएगी.
रणबीर कपूर का कहना है कि बायोपिक ईमानदार होनी चाहिए न कि प्रॉपोगैंडा के लिए. रणबीर कहते हैं कि बायोपिक प्रचार तंत्र की तरह नहीं बनानी चाहिए.
उन्होंने कहा, ''अगर आप किसी शख़्स की कहानी बता रहे हैं तो उसे भगवान की तरह पेश नहीं कर सकते. राजकपूर पर भी ऐसी ही बायोपिक बननी चाहिए, लेकिन इसके लिए परिवार की इजाज़त मिलनी ज़रूरी है.''
रणबीर अपने दादा राजकपूर को बहुत याद करते हैं. रणबीर का कहना है कि अगर वो आज की तारीख़ में ज़िंदा होते तो उनसे फ़िल्म बनाने का आग्रह करते.
रणबीर अपने किरदारों में विविधता पर ज़ोर देते हैं. उनका कहना है कि वो अच्छे लड़के की भूमिका निभाकर थक चुके हैं.
फ़िल्म संजू से रणबीर अपने किरदार के दायरे को तोड़ना चाहते हैं. रणबीर को लगता है कि वो छोटे शहरों और ग्रामीण भारत में लोकप्रिय नहीं हैं, लेकिन संजू फ़िल्म के ज़रिए वो मेट्रो सिटी की सीमा को तोड़ने में कामयाब रहेंगे.
संजय दत्त और उनके पिता सुनील दत्त के बीच बाप बेटे का जो उलझा हुआ संबंध था उससे रणबीर कपूर अपने और पिता ऋषि कपूर के साथ संबंधों में समानता देखते हैं.
रणबीर का कहना है कि ऋषि कपूर उनके पिता हैं लेकिन दोस्त नहीं हैं. उनका कहना है कि इस संबंध में एक किस्म का डर भी है. हालांकि रणबीर मानते हैं कि इसमें प्यार और आदर भी है.
अमिताभ बच्चन के साथ रणबीर 'ब्रह्मास्त्र' फ़िल्म में काम कर रहे हैं. रणबीर को लगता है कि अमिताभ एक बेहतरीन इंसान हैं और फ़िल्म के अंत तक वो उन्हें अच्छा दोस्त बना लेंगे.
रणबीर मानते हैं कि अमिताभ जितने बड़े हैं उतने ही भले इंसान हैं.
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