कविता चावला: 12वीं पास महिला बनीं केबीसी सीज़न-14 की पहली करोड़पति

कविता चावला

इमेज स्रोत, Sony TV

    • Author, मधु पाल
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, मुंबई से

भारतीय टेलीविज़न के सबसे लोकप्रिय शो में से एक 'कौन बनेगा करोड़पति' के 14वें सीज़न की पहली करोड़पति बनीं हैं कोल्हापुर की रहने वाली 45 साल की कविता चावला.

साल 2000 में जब कौन बनेगा करोड़पति की शुरुआत हुई थी तभी से कविता चावला इस शो में भाग लेने की कोशिश कर रहीं थीं और आख़िरकार 21 साल, 10 महीने के बाद उन्हें अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठने का मौक़ा मिल ही गया.

कविता चावला ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए कहा, "इतने प्रयत्नों और कोशिशों के बाद मेरा सपना पूरा हुआ है. दिमाग़ में यही आता था कि कई लोग पहुंच गए, मैं कब पहुंचुंगी. मैं अभी तक घर पर ही बैठी हूं, मेरा नंबर कब लगेगा. जो लोग शो पर आते थे उनकी कहानी जानकर मैं भी भावुक हो जाती थी. वो लोग शो में बैठ कर रोते थे और मैं घर बैठकर रोती थी. हर साल कोशिश करती लेकिन निराशा ही मिलती."

कविता को साल 2021 में फ़ास्टेस्ट फ़िंगर फर्स्ट राउंड तक पहुंचने का मौक़ा मिला था लेकिन वो उससे आगे नहीं बढ़ पाईं. फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत करती रहीं. उनके मुताबिक़ अमिताभ बच्चन ने कोशिश जारी रखने के लिए प्रेरित किया था.

कविता चावला

इमेज स्रोत, Sony TV

12वीं तक ही की पढ़ाई लेकिन सीखना बंद नहीं किया

बीबीसी हिंदी

अपनी स्कूली शिक्षा का ज़िक्र करते हुए कविता कहती हैं, "जब मैंने 10वीं पास की थी तब हमारे यहाँ लड़कियों का 10वीं तक पढ़ना भी बहुत बड़ी बात थी. लेकिन फिर भी घरवालों ने मेरे कहने पर मुझे 12वीं तक पढ़ाया."

"परिस्थितियां कुछ ऐसी थीं हमारे घर की कि मम्मी हम चार बच्चों को पालने के लिए सिलाई का काम करती थीं. तो उनको देख देखकर मैं भी सिलाई सीख गई और मैंने उनका हाथ बंटाने का फ़ैसला किया. आगे की पढ़ाई छोड़ मैं उसमें लग गई थी. फिर मेरी शादी हो गई, मैं गृहणी बन गई लेकिन मैंने अपने ज्ञान को बढ़ाना जारी रखा."

कविता ने अभी तक अपनी जीत के बारे में सिर्फ़ अपने पति और बेटे को बताया है, परिवार के बाक़ी लोग अभी इसके बारे में नहीं जानते हैं. वो चाहती हैं परिवार के बाक़ी लोग और रिश्तेदार टीवी पर उन्हें जीत हासिल करते हुए देखें.

वीडियो कैप्शन, केबीसी 12 में करोड़पति बनने वाली नाज़िया नसीम की कहानी

केबीसी के लिए कैसे की तैयारी?

बीबीसी हिंदी

'कौन बनेगा करोड़पति' में कौन-सा सवाल सबसे ज़्यादा मुश्किल था, इस पर कविता कहती हैं, "तीन लाख 20 हज़ार के ऊपर वाले सवाल बहुत मुश्किल भरे होते हैं."

"मैंने कुछ तो पढ़े थे और कुछ बहुत सोचविचार कर दिमाग़ लगा कर जवाब दिए. मैं केबीसी को शुरू से फ़ॉलो कर रही थी तो मुझे पता चलता था कि उनका लेवल कितना बढ़ गया है. उस हिसाब से ख़ुद को अपडेट करती थी."

इन पैसों का क्या करेंगी?

बीबीसी हिंदी

जीती हुई एक करोड़ रुपये की राशि का क्या करेंगी? इस सवाल पर कविता कहती हैं, "जीतने के बाद उसका कुछ हिस्सा मैं अपने 22 साल के बेटे की आगे की पढ़ाई में ख़र्च करूंगी."

वे कहती हैं, "मैं पूरा भारत घूमना चाहती हूं. मेघालय जाना चाहती हूं, चेरी ब्लॉसम फ़ेस्टिवल देखना चाहती हूं जिसे अब तक सिर्फ़ टीवी पर देखी हूं."

कविता चावला

इमेज स्रोत, Sony TV

सात करोड़ पचास लाख का रिकॉर्ड बन पाएगा या नहीं?

बीबीसी हिंदी

इस बार का केबीसी किस तरह से अलग है इसका ज़िक्र करते हुए कविता कहती हैं, "इस बार शो में बदलाव लाया गया है वह बहुत अच्छा है. आज़ादी का जो यह 75वां पर्व है उसी के लिए जो उन्होंने धन अमृत क्वेश्चन लाया है, 75 लाख पर. उसकी वजह से क्या होगा कि एक करोड़ का सवाल जो कोई कोशिश करेगा तो उसको ख़तरा नहीं रहेगा. अगर ग़लत भी रहेगा तो वह नीचे तीन लाख 20 हज़ार में नहीं गिरेगा. 75 लाख तो कम से कम वह घर ले ही जाएगा."

"मुझे इस चीज़ का बहुत फ़ायदा हुआ. मैं इसलिए कोशिश कर पाई क्योंकि उसमें कोई रिस्क नहीं था. मैं सात करोड़ 50 लाख के सवाल का सामना करने वाली हूं तो मेरे दिमाग़ में तो यही है कि मैं उसे क्रैक कर पाऊं इतना आसान तो नहीं होगा क्योंकि इतनी बड़ी धनराशि का सवाल है."

कविता कहती हैं, "आसान तो नहीं होगा, आप सभी मेरे लिए दुआ कीजिए. देखते हैं कि मैं 75 लाख के पड़ाव पर आती हूं कि क्विट करती हूं या फिर रिकॉर्ड बना पाती हूं."

वीडियो कैप्शन, केबीसी में अमिताभ ने किस महिला के पैर छुए?

गृहिणी को कम न समझें लोग

बीबीसी हिंदी

कविता कहती हैं कि उनकी अब तक की ज़िंदगी पति और बच्चों की देखभाल में ही निकली है.

वे कहती हैं, "हाउसवाइफ़ का काम गवर्नमेंट जॉब से भी बड़ा है. हाउसवाइफ़ मल्टी-टास्किंग काम होता है. पति के प्रति ज़िम्मेदारी होती है, बच्चों को देखना होता है, सास-ससुर के प्रति और घर पर और लोग भी होते हैं. उसके अलावा बाहर उठना-बैठना बाज़ार से सामान लाना, सारी चीज़ें होती हैं."

"एक हाउसवाइफ़ ही समझ सकती है इन चीज़ों को. गृहिणी को कम कर नहीं आंकना चाहिए. यह नहीं समझना चाहिए हाउसवाइफ़ है तो क्या? इन सब के बावजूद जब मैंने तैयारी चालू रखा था तो अमिताभ जी ने भी मुझे बहुत सराहा था कि मां और गृहिणी होकर उन्होंने मुझे ज्ञान की शक्ति का ख़िताब दिया."

वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस कैसे बदल रहा है मनोरंजन की दुनिया

डिग्री न होने का अफ़सोस पहले था, अब नहीं

बीबीसी हिंदी

कविता कहती हैं, "पहले हमारी सोसाइटी के चलते मेरी भी यही सोच थी कि मैं सिर्फ़ 12वीं तक ही पढ़ी हूँ. मेरे पास कोई डिग्री नहीं है, मैं आगे क्या करूंगी."

कविता कहती हैं कि कौन बनेगा करोड़पति शो देखने के बाद उनकी सोच बदली और उन्होंने मन में ठान लिया कि कोई डिग्री न सही लेकिन वो अपने ज्ञान से पैसे कमाएंगी.

कविता कहती हैं, "मैं सोचती थी कि अगर मेहनत करने के बाद मैं करोड़पति बन जाऊंगी तो यह सबसे बड़ी डिग्री मुझे मिलेगी- करोड़पति कविता की. इसके बाद मुझे किसी डिग्री की ज़रूरत नहीं है. अब लगता है सच में मुझे और किसी डिग्री की ज़रूरत नहीं है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)