गली ब्वॉय से उलट-पुलट हुई ज़िंदगी : नैज़ी

नैज़ी

इमेज स्रोत, NAEZY/ FACEBOOK

    • Author, मधु पाल
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए

ऑस्कर के लिए नामित फ़िल्म 'गली ब्वॉय' रैपर नैज़ी उर्फ़ नावेद शेख़ के लिए बेहद अहम है. फ़िल्म के मुख्य अभिनेता रणवीर सिंह का किरदार नैज़ी से ही प्रेरित है.

फ़िल्म 'गली ब्वॉय' को लेकर नैज़ी कहते हैं कि इस फ़िल्म से उनको जितनी शोहरत मिली है, उतनी उनकी निजी ज़िंदगी भी प्रभावित हुई है.

'गली ब्वॉय' को ऑस्कर पुरस्कार के लिए भारत की तरफ़ से आधिकारिक तौर पर नामित किया गया है. इस फ़िल्म का निर्देशन ज़ोया अख़्तर ने किया है और रणवीर सिंह के अलावा आलिया भट्ट ने भी इस फ़िल्म में अहम भूमिका निभाई है.

ऑस्कर के लिए नामित होने के बाद ये फ़िल्म एक बार फिर चर्चा में है. फ़िल्म के कलाकारों के साथ ये ख़बर उनके लिए भी अहम है जिनकी ज़िंदगी से प्रेरित होकर फ़िल्म 'गली ब्वॉय' की कहानी लिखी गई. ये हैं डिवाइन और नैज़ी.

नैज़ी मानते हैं कि 'गली ब्वॉय' की सफलता से उन्हें शोहरत तो मिली लेकिन उनकी निजी ज़िंदगी पूरी तरह से उलट-पुलट हो गई.

वो कहते हैं कि निजी ज़िंदगी में उन्हें बहुत नुक़सान उठाना पड़ा जिसकी भरपाई कोई नहीं कर पायेगा.

नैज़ी

इमेज स्रोत, NAEZY/ FACEBOOK

फ़िल्म में नहीं दिखाया गया सच

नावेद शेख़ उर्फ़ नैज़ी ने बीबीसी हिंदी से ख़ास बातचीत में कहा, "गली ब्वॉय की रिलीज़ के बाद मुझे स्टारडम मिला. मुझे घर मिला, गाड़ी मिली और तो और बहुत शोहरत भी मिली.अब मैं जहां भी जाता हूं लोग मेरे साथ सेल्फी खिंचवाते हैं और मुझे पहचानते हैं. लेकिन मेरा पर्सनल स्पेस पूरी तरह से ख़त्म हो गया. मेरी निजी ज़िंदगी इस फ़िल्म के बाद पूरी तरह से उलट-पुलट हो गई है."

उन्होंने आगे कहा, " फ़िल्म में मेरी कहानी थोड़ी ग़लत तरीक़े से दिखाई गई है. फ़िल्म में मेरा लव अफ़ेयर जो दिखाया गया है, मेरे माता-पिता के बारे में जो दिखाया गया है ये सब एक कपोल कल्पना है. ये सच नहीं है और ये बात लोगों को बताने के लिए काफ़ी समय लग रहा है. लोगों को लगता है मेरी दो गर्लफ्रेंड हैं. मेरे माता-पिता ने दो शादियां की और ऐसी कई सारी अफ़वाहें हैं जो मेरे निजी जीवन को चोट पहुंचा रही हैं. फ़िल्म में सच्चाई नहीं थी. सच्चाई कुछ और है लेकिन लोग इस बात को मान ही नहीं रहे.'

नैज़ी

इमेज स्रोत, NAEZY/ FACEBOOK

नैज़ी कहते हैं कि उनकी ज़िंदगी में जितनी सकारात्मक बातें हुई हैं, उतनी ही नकारात्मक भी हुई है.

वो कहते हैं, "अब मुझे नापसंद करने वाले लोग भी बढ़ गए हैं. इसलिए ज़िंदगी को संतुलित करने की कोशिश कर रहा हूं."

हिंदी का दम

एक दौर था जब भारतीय रैपर अंग्रेज़ी में ही रैप करते थे लेकिन नैज़ी नया अंदाज़ लेकर आए. इसे लेकर वो कहते हैं, "मैंने भी अंग्रेज़ी में रैप करना शुरू किया था. मैंने देखा कि इंडिया में कई रैपर अंग्रज़ी में रैप करते है जिसके कारण हमारी पहुंच बहुत कम लोगों तक ही रह गई थी और जब मैंने इस बात को समझा कि आधे से ज़्यादा लोग तो हमें सुन ही नहीं रहे हैं तब मैंने हिंदी में रैप करना शुरू किया."

नैज़ी कहते हैं, "मैंने जब हिंदी में रैप शुरूकिया तो 10 रैपर और थे. उन्होंने मुझे देखा कि हिंदी में मैं सफल हुआ तो उन्होंने भी हिंदी में रैप करना शुरू कर दिया. आज ये हाल है कि रैप अब पूरी तरह से अंग्रेजी से हिंदी में शिफ्ट हो गया. ऐसे ही करते-करते दायरा बढ़ता गया और आज हर कोई हिंदी में रैप कर रहा है."

नैज़ी

इमेज स्रोत, NAEZY/ FACEBOOK

गुलज़ार और जावेद अख़्तर से मिली तारीफ़

क्या उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री वही सम्मान देती है जो कई बड़े लेखकों को मिलता है, इस सवाल पर नैज़ी कहते है, "मुझे गुलज़ार साहब और जावेद अख्तर जी से तारीफ़ मिली है. उन्होंने मुझे बताया कि मैं जिस तरह लिखता हूं उसे कहते हैं 'आज़ाद नज़्म' जिस तरह से शेर-शायरी होती है, गीत होते हैं, उसी तरह से हमारा भी एक वर्ग है आज़ाद नज़्म का, जहां मैं खुले अल्फ़ाज़ इस्तेमाल कर सकता हूं."

नैज़ी बताते हैं कि उन्हें शुरू में बहुत दिक्क़तें आईं. कई लोगों को उनके लिखने का अंदाज़ पसंद नहीं आया.

उनके मुताबिक़, "कई लोगों ने कहा ये बहुत मुंहफट है. कैसे-कैसे शब्द बोलता है. लेकिन धीरे-धीरे लोगों को मेरे शब्दों में गहराई दिखने लगी."

नैज़ी

इमेज स्रोत, NAEZY/FACEBOOK

संस्कृति को दिया नया रूप

नैज़ी कहते हैं कि उन्हें भारतीय लोगों की मानसिकता को बदलना है.

वो कहते हैं, "हम रैपर जानते है कि हमारा पहनावा दूसरे लेखेकों जैसा नहीं है. ये थोड़ा अलग है. हम फैंसी कपड़े पहनते हैं लेकिन हमारी जो जड़ें हैं वो वही रहेंगी. देसी हिप-हॉप हम कभी नहीं भूलेंगे. हम रैपर अंधे बनकर अमरीका को कॉपी नहीं कर रहें है बल्कि अपने ही कल्चर को नया रूप देकर पेश कर रहे है."

नैज़ी ने हाल ही में अपना नया गाना 'फटके' रिलीज़ किया है जिसमें वो आज के बच्चों को समझाने की कोशिश में दिखते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)