श्रीदेवी, दीपिका से लेकर नीता अंबानी को साड़ी पहनाने वाली

    • Author, मधु पाल
    • पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए

दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा और ईशा अंबानी समेत तमाम हस्तियों ने धूमधाम से अपनी शादियां कीं.

इस दौरान उनकी ड्रेसेज़, साड़ियां और गाउन काफ़ी चर्चा में रहे.

लेकिन क्या आपको पता है कि नीता अंबानी जैसी शख्सियत को साड़ी पहनाने वाली महिला कौन है?

ये महिला डॉली जैन हैं जो ईशा अंबानी, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर की शादियों में सभी मौकों पर साड़ी और लहंगा पहनाने का काम कर चुकी हैं.

लेकिन सिनेमा जगत की तमाम सेलिब्रिटीज़ को साड़ी पहनाने वाली डॉली जैन को कभी साड़ी पहनना बिलकुल पसंद नहीं था.

साड़ी के नाम पर आता थारोना

बीबीसी से खास बातचीत में डॉली जैन कहती है कि, "मैं बंगलौर में पली बढ़ी हूँ. मैं सिर्फ जीन्स, टीशर्ट, स्कर्ट्स में ही रहती थी लेकिन जब मेरी शादी कोलकाता में हुई तब मुझे पता चला कि मुझे ससुराल में सिर्फ साड़ी ही पहनने की अनुमति है."

"ये जानने के बाद में बहुत रोई थी. मुझे साड़ी पहनने में घंटों लगते थे. मैं हमेशा इसी बात पर रोती थी कि मेरे ससुराल वाले कैसे हैं…लेकिन तब मैंने इसे अपनी मजबूरी समझकर साड़ी पहनना शुरू कर दिया और सोचा कि अगर मुझे यही पहनना है तो मुझे इसे स्टाइल भी करना चाहिए फिर मैंने साड़ी को अलग-अलग तरीके से पहनना शुरू किया."

"मैं जब भी आस-पड़ोस में शादी या त्यौहार के मौके पर जाती थी तो मेरे पड़ोसी मेरे साड़ी बांधने की कला की खूब तारीफ़ करते थे, और तब इस तरह से मेरा रुझान इस ओर बढ़ने लगा और मैंने इसे प्रोफेशन बनाने के बारे में सोचा."

"आज सोचती हूँ तो लगता है कि अच्छा हुआ कि मेरे ससुराल वालों ने मुझे घर पर कुछ और नहीं पहनने दिया क्योंकि आज में जो भी हूँ उनकी ही बदौलत हूँ."

साड़ी पहनने का रिकॉर्ड

लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाली डॉली कहती हैं, "शुरू - शुरू में सब कुछ नामुमकिन था क्योंकि लोगों को लगता था कि साड़ी बांधना और पहनना मेरा शौक है. मैंने अपने पिता से ये बात कही तो उन्होंने मुझसे कहा कि बेटा दुनिया अवार्ड की भाषा को ही समझती है और अगर तुझे अपनी अलग पहचान बनानी है तो पहले अपना नाम और हुनर दुनिया को बताओ."

"ये सुनने के बाद मैं ससुराल में रात को जब सब सो जाया करते थे तब 11 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक पुतले पर रोज़ साड़ी बांधने का प्रयास किया करती थी और जब मैंने एक साड़ी को 80 तरह से बांधना सीख लिया तो लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड वालों को सीडी भेजी. उन्हें मेरा काम अच्छा लगा तब उन्होंने मुझे पुरस्कार दिया"

"इसके साल बाद मैंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा और एक ही साड़ी को 325 अलग-अलग तरह से पहनने और बांधने का नया रिकॉर्ड बनाया और साथ ही एक साड़ी को साढ़े 18 सेकंड में पहनने का रिकॉर्ड भी बनाया.

जब श्रीदेवी को पहनाई साड़ी

आज बॉलीवुड की अधिकतर अभिनेत्रियों की पहली पसंद डॉली जैन हैं.

लेकिन क्या डॉली के लिए बॉलीवुड में अपने कदम जमा पाना इतना आसान था?

इस पर डॉली कहती हैं, 'मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने बड़े कलाकारों और लोगों से बुलावा आएगा. मैं बहुत साधारण परिवार से हूँ और मैं सिर्फ आस-पड़ोस और उन्हीं की शादियों में साड़ी बांधा करती थी. मैंने कभी इसे इतनी संजीदगी से नहीं लिया. मेरे एक रिश्तेदार मुंबई में रहते थे उन्होंने मुझे मुंबई बुलाया था और मैंने पहली बार जब श्रीदेवी को देखा अपनी आँखों के सामने तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मुझे उन्हें साड़ी पहनाने का मौका मिला है."

"साड़ी बांधने के बाद जब उन्होंने कहा कि डॉली तुम्हारी उँगलियों में जादू है तो मुझे उनकी बातों ने इस कदर प्रभावित किया कि मैं वापस घर आते वक़्त यही सोचती रही कि अगर इतना बड़ा इंसान कह रहा है कि तुम्हारी उँगलियों में जादू है तो बस अब दुनिया को जादू दिखाने का टाइम आ गया. श्रीदेवी की कही बात ने मेरी दुनिया पलट दी."

बॉलीवुड में एंट्री कैसे हुई?

कोलकाता से मुंबई तक का सफर तय करने वाली डॉली को बड़ा मौका मिला जब एक दुल्हन को जाने-माने फैशन डिज़ाइनर अबू जानी-संदीप खोसला का लहंगा पहनना था.

अबू जानी-संदीप खोसला कई बड़े कलाकार जैसे अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, रणवीर सिंह, शाहरुख़ खान जैसे कलाकारों के पसंदीदा डिज़ाइनर है.

डॉली कहती हैं, "अपनी शादी के दिन वो दुल्हन इस बात से परेशान थी कि उसकी चुन्नी बार-बार गिर रही है. तब मैंने उसको अच्छे से लहंगा पहनाया और उसकी चुन्नी को इस तरह सेट कर दिया कि वो अगर डांस भी करे तो उसे किसी बात को लेकर परेशान ना होना पड़े.

"मेरे इस काम को अबू जानी-संदीप खोसला ने देखा और मेरा काम उनको बहुत पसंद आया और फिर उन्होंने कई मौके दिए. आज मैं और भी डिज़ाइनर जैसे सब्यसाची से लेकर मनीष मल्होत्रा के क्लाइंट्स को साड़ी और लहंगा पहनाती हूँ.

लाखों की कमाई

15 साल पहले जब डॉली ने इंडियन आर्ट ऑफ़ ड्रैपिंग की शुरुआत की थी तब लोगों ने सोचा भी नहीं था कि साड़ी पहनाना एक पेशे का रूप ले सकता है.

डॉली कहती हैं, "इस करियर के लिए अगर आप 10वीं भी पास हैं तो बहुत है इसके लिए ज़्यादा पढ़े लिखे होने की ज़रूरत नहीं है. मैं जब साड़ी बांधना सीख रही थी तब कई गांवों में गई उन औरतों को देखा कि वो कितनी अलग-अलग तरह से साड़ी बांधती हैं."

"आज की युवा लड़कियों में भी साड़ी का क्रेज़ बना रहे इसलिए अब वो जीन्स और क्रॉप टॉप और स्कर्ट्स पर भी साड़ी के फैशन को लेकर आ रही हैं जिससे साड़ी में उनकी दिलचस्पी बनी रहे."

आज डॉली अकेली नहीं हैं उनके पास आज एक बड़ी टीम है.

डॉली का कहना है कि साड़ी बांधने की फीस 25 हज़ार से शुरू होती है और हाई प्रोफाइल शादियों और उनके कार्यक्रमों में ये लाखों रुपये तक जाती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)