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सुपरस्टार नहीं, फिर भी कमाई में हैं सुपर हिट
- Author, इंदु पांडेय
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
कौन सी फ़िल्म कितना कमाएगी यह तय अब उस फ़िल्म के भारी भरकम स्टार कास्ट, डायरेक्टर- बैनर से नहीं, बल्कि कहानी तय करती है.
फ़िल्म में चाहे स्टार न हों, मार्केटिंग और कहानी अच्छी है तो फ़िल्म चल जाती है. कम से कम पिछले एक साल में रिलीज़ हुई फ़िल्मों की कमाई तो यही ज़ाहिर करती है.
साल 2018 में दर्शकों के दिलों में उन फ़िल्मों ने भी अपनी जगह बनाई जो छोटे बजट की थीं.
बड़े सितारों वाली फ़िल्म 'पद्मावत' 200 करोड़ रुपये में बनी थी. फ़िल्म समीक्षक और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने बताया, "'पद्मावत' की कमाई 300 करोड़ से ज़्यादा की रही भारत में. राजू हीरानी की फ़िल्म 'संजू' की कमाई भी 300 करोड़ से ज़्यादा रही."
तरण आदर्श ने बताया, "साल की 10 बड़ी फ़िल्मों में वैसी फ़िल्मों का दबदबा है, जिनमें बड़े हीरो और बड़े बजट जैसी बात नहीं थी. चाहे हो 'बधाई हो', अंधाधुन या सोनू के टीटू की स्वीटी".
'बधाई हो'
तरण आदर्श ने बताया, "फ़िल्म 'बधाई हो' से बहुत उम्मीदे हैं और वो 50 करोड़ की कमाई कर चुकी और दीवाली तक और कमाई करेगी ". इस फ़िल्म में आयुष्मान खुराना, नीना गुप्ता और गजराज राव हैं.
शांतनु श्रीवास्तव, अक्षत घिल्डियाल और ज्योति कपूर ने 'बधाई हो' की कहानी को शानदार ढंग से लिखा है तो अमित रविंद्रनाथ शर्मा ने उतनी ही खूबसूरती के साथ इसे फ़िल्मी परदे पर उतारा है.
कहानी में पूरा परिवार ही परदे पर छाया रहता है और फ़िल्म किसी एक एक्टर की नहीं बल्कि सभी कैरेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है.
अधेड़ उम्र में मां बनना और समाज का उसे अपनाना कितना मुश्किल होता है, यह फ़िल्म में दिखाया गया है. अच्छी बात यह है कि हिंदी सिनेमा में इस तरह की कहानी पर जोखिम उठाया गया और वो दर्शकों को भा गई.
'अंधाधुन'
इस फ़िल्म की मार्केटिंग या प्रमोशन कोई ख़ास नहीं हुआ, लेकिन फ़िल्म को क्रिटिक्स ने सराहा है.
श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी 'अंधाधुन' फ़िल्म को दर्शकों का बहुत प्यार मिल रहा है.
ये फ़िल्म अंत तक दर्शकों को बाँध कर रखती है. 'अंधाधुन' और 'बधाई हो' के साथ आयुष्मान बने गये हैं लोगों के स्टार.
'स्त्री'
जो फ़िल्में अलग तरह का विषय लेकर आ रही हैं, दर्शक उनका स्वागत कर रहे हैं.
जैसे राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की हॉरर कॉमेडी फ़िल्म 'स्त्री' आपको कई मायनों में अलग लग सकती है. फ़िल्म आपको डराने के साथ-साथ हंसाती भी है. तरण आदर्श ने बताया, "इस फ़िल्म ने सौ करोड़ का आँकड़ा पार किया है."
कुल मिलाकर ये साल बहुत रोचक रहा है क्योंकि कई फ़िल्में ऐसी आई हैं जिन्हें हिट कहा जा सकता है.
आज फ़िल्मों में आम आदमी से जुड़ी कहानियां ज़्यादा पसंद की जा रही हैं.
'सोनू के टीटू की स्वीटी'
'सोनू के टीटू की स्वीटी' में प्यार में दोस्ती का तड़का लगाया गया था. इसकी कहानी दमदार है. पटकथा में कसाव है और तेज़ रफ़्तार भी.
संवाद अच्छे हैं जिसे सुनकर हंसी आज भी आती है. इसके निर्देशक लव रंजन हैं और फ़िल्म में कार्तिक आर्यन, सनी सिंह, नुसरत भरुचा, आलोक नाथ ने काम किया है.
यह फ़िल्म एक दोस्त की होने वाली शादी पर केंद्रित है.
तरण आदर्श ने बताया, "इस फ़िल्म ने सौ करोड़ का आँकड़ा पार किया है."
'वीरे दी वेडिंग'
अभिनेत्री करीना कपूर, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर और शिखा तलसानिया की फ़िल्म 'वीरे दी वेडिंग' रिलीज़ से पहले ही चर्चा में थी. रिलीज होने के बाद यह लोगों को पसंद आई.
फ़िल्म में चार महिला दोस्तों की कहानी है. तरण आदर्श ने बताया, " इसने सत्तर करोड़ से ज़्यादा की कमाई की. "
महिलाओं को इसमें लीड किरदार दिया गया है. उनकी दोस्ती को केंद्र में रखकर उसके आसपास ताना बाना बुनने की कोशिश की गई है.
फ़िल्मों में हीरो नहीं
रानी मुखर्जी की 'हिचकी', 'वीरे दी वेड्डिंग' और आलिया भट्ट की 'राज़ी' जैसी फ़िल्मों में बड़े-बड़े हीरो नहीं थे लेकिन फिर भी इन फ़िल्मों ने कमाया.
अक्सर माया नगरी के निर्माता-निर्देशक ये कहते मिल जाते हैं कि 'इट्स डिफ़रेंट' और ये जनता को पसंद आ रहा है.
फ़िल्म समीक्षक अरनब बनर्जी का कहना है कि अब कई प्लेटफ़ॉर्म दर्शकों के लिए खुल गए हैं जैसे वेब सीरीज हैं. टेलीवीज़न तो है ही. वो कहते हैं, "अब कुछ भी आदर्श नहीं होता. ग्रे शेड्स में आ रही फ़िल्में हमें समाज का आइना दिखा रही हैं. लोग अब अपनी ही कहानी देखना चाहते हैं."
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