चीन का 'ट्विटर' अपने यूजर्स से वसूलेगा फीस

चीन में माइक्रोब्लॉगिंग

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इमेज कैप्शन, सिना वीबो चीन में बेहद लोकप्रिय है और उसके 30 करोड़ यूजर्स हैं.

चीन में ट्विटर जैसी माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट सिना वीबो अब अपने विशेष फीचर्स के लिए मेंबरशिप फीस वसूलेगी.

ये फीस 10 युआन यानी 87 रुपए प्रति महीने होगी. इसके ऐवज में सिना वीबो के 30 करोड़ यूजर्स को पर्सनलाइज्ड पेज, वॉइस पोस्ट और बेहतर ऑनलाइन सुरक्षा जैसे कई नए फीचर मिलेंगे.

ये कदम कंपनी को मुनाफा दिला सकता है. दरअसल सिना वीबो ने मई में पहली तिमाही के लिए 1.37 करोड़ डॉलर का नुकसान दिखाया.

एक विश्लेषक ने इसे साहसी कदम बताया है, लेकिन उनका कहना है कि ट्विटर ऐसा नहीं करेगा.

फीस लगाने की वजह

'टेक इन एशिया' ब्लॉग के अनुसार सिना वीबो ने कुल नए 15 वीआईपी फीचर पेश किए हैं. कंपनी के मुताबिक हाल में सिना वीबो में सोशल गेम्स और एक वर्चुअल मुद्रा वीबो भी जोडे़ गए हैं.

बीजिंग में एक कारोबारी सलाहकार का कहना है कि यूजर्स पर फीस लगाने का कदम इस सरकारी दबाव के बीच उठाया गया है जिसमें सिना वीबो के कुछ सदस्यों की तरफ से पोस्ट की जाने वाली गैर कानूनी पोस्टों की छंटनी करके उन्हें अलग करना है.

फीस लगने की स्थिति में इस तरह के पोस्टों की संख्या कम हो सकती है.

कारोबारी सलाहकार संस्था बीडीए के अध्यक्ष डंकन क्लार्क कहते हैं, “वीबो चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के बीच एक बेहद अहम प्लेटफॉर्म बन गया है, हालांकि अब कुछ लोगों का ये भी कहना है कि पाबंदियों के चलते अब ये पहले जितना दमदार नहीं रहा है."

वो आगे कहते हैं, "बेशक सिना का मकसद इस सर्विस को बिल्कुल मुफ्त में मुहैया कराते रहना तो नहीं है. लेकिन ये एक मुश्किल स्थिति है- अगर वे अपने यूजर्स से ज्यादा फीस वसूलते हैं तो इससे उनकी छवि को नुकसान होगा और अगर वे अपने ऑनलाइन ट्रैफिक को व्यावसायिक मूल्य में नहीं बदलते हैं तो लंबे समय तक इस सेवा को मुहैया कराते रहने उनके लिए मुमकिन नहीं होगा.”

‘साहसी कदम’

चीन में इंटरनेट

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इमेज कैप्शन, चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की तादाद दुनिया में सबसे ज्यादा है.

चीनी कंपनी के लिए ये कदम मुनाफे वाला साबित हो सकता है लेकिन स्वतंत्र मीडिया विश्लेषक मार्क मुलीगन कहते हैं कि अगर पश्चिमी सोशल नेटवर्क भी सीना वीबो के नक्शेकदम पर चलते हैं तो ये बहुत बड़ी गलती होगी.

वो कहते हैं, “ये बहुत ही साहसिक कदम है और मैं नहीं समझता कि ट्विटर भी इसका अनुसरण करेगा, निश्चित तौर पर इस स्तर पर तो बिल्कुल नहीं. ऐसी किसी चीज पर फीस वसूलना जिसे लोग फ्री समझते हों, किसी भी कंपनी के लिए बाजार में उसकी स्थिति के लिए बहुत संवेदनशील मामला हो सकता है.”

ट्विटर के प्रवक्ता के मुताबिक कंपनी दूसरी कंपनियों पर कोई टिप्पणी नहीं करती और उनका कारोबारी मॉडल विज्ञापनों पर ही आधारित रहेगा.