|
अंतरिम बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में विपक्षी राजनीतिक दलों ने जहाँ अंतरिम बजट को आर्थिक मंदी से निपटने में विफल ठहराया है वहीं उद्योग जगत ने इस पर मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दलों का कहना है कि बजट उन मुख्य समस्याओं का हल तलाशने में विफल रहा है जिनसे भारत इस समय जूझ रहा है. उद्योग और वाणिज्य संगठन फिक्की के प्रमुख हर्षपति सिंघानिया का कहना है कि अंतरिम बजट का केंद्र बिंदु विकास रहा है और इसमें करों में कटौती के संकेत दिए गए हैं जिनसे माँग बढ़ाने में मदद मिलेगी. उधर एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल का कहना है कि कॉर्पोरेट करों पर जारी अधिभार को समाप्त किया जाना चाहिए. जिंदल का कहना था कि समाजिक क्षेत्रों में अच्छी योजनाओं की शुरुआत स्वागत योग्य है और इससे आम जनता को फ़ायदा होगा. फिक्की का कहना है कि इस बजट से पूर्ण बजट के लिए दिशानिर्देश मिलेगा. 'कामचलाऊ बजट' जब फिक्की चेयरमैन से पूछा गया कि क्या मंदी से निपटने की दिशा में कुछ किया गया है तो उनका कहना था कि हाँ इस बजट में कुछ नया तो नहीं किया गया है लेकिन इस दिशा में कुछ योजनाओं के लिए राशि बढ़ाई गई है. उनके अनुसार ये अंतरिम बजट था इसलिए सरकार कुछ ख़ास कर भी नहीं सकती थी लेकिन इस दिशा में संकेत दे दिए हैं कि अगली सरकार को क्या करने होंगे. भारतीय मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बासुदेब आचार्य का कहना है कि इस बजट में कुछ भी उल्लेखनीय नहीं है. उन्होंने कहा कि देश आज जिन समस्याओं से जूझ रहा है उनसे निपटने के लिए इसमें कुछ नहीं है. आचार्य का कहना था कि छँटनी और मंदी के असर को कम करने में यह बजट विफल रहा. भाजपा के प्रवक्ता मुख़तार अब्बास नक़वी ने कहा है कि अंतरिम बजट दरअसल लोगों को भ्रमित करने के लिए पेश किया गया है. उनका कहना था, "ये एक कामचलाऊ सरकार की तरफ़ से कामचलाऊ बजट है, इसमें लोगों के लिए कोई राहत की बात होने के बजाए लोगों को भम्रित किया गया है." |
इससे जुड़ी ख़बरें प्रधानमंत्री ने अंतरिम बजट को दी मंज़ूरी15 फ़रवरी, 2009 | कारोबार प्रणब मुखर्जी अंतरिम बजट पेश करेंगे15 फ़रवरी, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||