|
राजू से पूछताछ की इजाज़त मिली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने शेयर बाज़ारों की नियामक संस्था सेबी को सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन रामालिंगा राजू से पूछताछ करने की अनुमति दे दी है. सेबी की एक टीम चार, पाँच और छह फ़रवरी को रामालिंगा राजू से हैदराबाद में पूछताछ करेगी. सेबी की टीम का नेतृत्व सुनील कुमार करेंगे. रामालिंगा राजू फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. उन पर कंपनी के ख़ातों में लगभग सात हज़ार करोड़ रूपए की गड़बड़ी करने का मामला चल रहा है. राजू से पूछताछ की याचिका हैदराबाद की स्थानीय अदालत ने ठुकरा दी थी और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस पर विचार के लिए छह फ़रवरी की तारीख़ तय की थी. इस बीच सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की और कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूछताछ में देरी नहीं होनी चाहिए. कंपनी को नए ग्राहक मिले इस बीच वित्तीय घोटाले से जूझ रही सत्यम कंप्यूटर्स के लिए एक अच्छी ख़बर है. सत्यम के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी को जनवरी में 15 नए ग्राहक मिले. इन नए ग्राहकों में से सिर्फ़ एक ने कंपनी के साथ समझौता रद्द किया है. सत्यम कंप्यूटर्स के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि उसे अमरीका, यूरोप और दुनिया के अन्य देशों की कंपनियों से नए ठेके मिले हैं.
उनका कहना था, "कंपनी को अमरीकी बाज़ार से तीन कॉंट्रैक्ट मिल हैं. इनमें से एक-एक कंपनी बीमा और दवा क्षेत्र की है और एक कंपनी ने मौजूदा कॉंट्रैक्ट आगे बढ़ाया है." माना जा रहा है कि इस सकारात्मक रुख़ से कंपनी को उबारने की सरकारी कोशिशों में मदद लेगी. प्रवक्ता ने बताया कि यूरोप दो नए कॉंट्रैक्ट मिले हैं. एक रासायन बनाने वाली कंपनी है और दूसरी सेवा क्षेत्र की कंपनी है. इनके अलावा जापान, अफ़्रीका, मध्य-पूर्व, एशिया प्रशांत देशों, ऑस्ट्रेलिया-न्यूज़ीलैंड की कंपनियों ने भी सत्यम कंप्यूटर्स से नाता जोड़ा है. सिर्फ़ एक अमरीकी कंपनी 'स्टेट फ़ार्म इंश्योरेंस' ने कंपनी के साथ समझौता रद्द किया है. नए ग्राहक आने से कंपनी के लगभग 50 हज़ार कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा. उल्लेखनीय है कि गत सात जनवरी को सत्यम कंप्यूटर्स के प्रमुख रामालिंगा राजू ने सात हज़ार करोड़ रुपयों से भी अधिक के घोटाले की बात स्वीकार की थी. इसके बाद उन्हें पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. उनके साथ उनके भाई रामा राजू और मुख्य वित्तीय अधिकारी को भी गिरफ़्तार किया गया और सत्यम के बोर्ड को भंग कर दिया गया है. अब कंपनी का कामकाज एक सरकारी बोर्ड संभाल रहा है. इस बीच महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्पाइस समूह, हिंदूजा समूह और एलएंडटी जैसी कंपनियों ने सत्यम कंप्यूटर्स को ख़रीदने की इच्छा जताई है. | इससे जुड़ी ख़बरें राजू बंधुओं को नहीं मिली ज़मानत28 जनवरी, 2009 | कारोबार सत्यम घपले में दो और गिरफ़्तारियाँ24 जनवरी, 2009 | कारोबार सत्यम में नया सीईओ अगले हफ़्ते तक23 जनवरी, 2009 | कारोबार रामलिंगा राजू की ज़मानत की सुनवाई22 जनवरी, 2009 | कारोबार 'सत्यम घपले का अंदाज़ा लगाना मुश्किल'21 जनवरी, 2009 | कारोबार राजू को बढ़ावा नहीं दिया: रेड्डी20 जनवरी, 2009 | कारोबार अब मेटास में भी धोखाधड़ी की जाँच19 जनवरी, 2009 | कारोबार 'सत्यम से पैसे इधर-उधर हुए हैं'18 जनवरी, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||