|
अब मेटास में भी धोखाधड़ी की जाँच | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ने सत्यम के पूर्व चेयरमैन रामालिंगा राजू के परिवार से जुड़ी कंपनी मेटास प्रोपर्टीज़ और मेटास इन्फ़्रास्ट्रक्चर में गंभीर धोखाधड़ी की जाँच के आदेश दिए हैं. सरकार को शक है कि इन कंपनियों और सत्यम में हुई घटनाओं के बीच कोई संबंध है. केंद्रीय कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने नई दिल्ली में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, "सत्यम मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों ने यह सूचना दी है कि उन्हें मेटास प्रोपर्टीज़, मेटास इन्फ़्रास्ट्रक्चर और सत्यम में हुई घटनाओं के बीच कोई संबंध लग रहा है." जाँच कंपनी मामलों के मंत्री ने बताया कि इन दोनों कंपनियों से सूचना, रिकॉर्ड और दस्तावेज़ हासिल करना ज़रूरी था. अब सरकार ने गंभीर धोखाधड़ी जाँच कार्यालय (सीएफ़आईओ) को यह मामला सौंप दिया है. अब सीएफ़आईओ के जाँच अधिकारी इन दोनों कंपनियों के रिकॉर्ड और दस्तावेज़ हासिल कर सकते हैं. इस महीने के शुरू में रामलिंगा राजू ने यह स्वीकार किया था कि कंपनी पिछले कुछ वर्षों से अपने मुनाफ़े को बढ़ा-चढ़ा कर दिखा रही है. सीएफ़आईओ को सत्यम घोटाले की भी जाँच सौंपी गई है और उन्हें तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को भी कहा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सत्यम से पैसे इधर-उधर हुए हैं'18 जनवरी, 2009 | कारोबार राजू पुलिस हिरासत में भेजे गए17 जनवरी, 2009 | कारोबार राजू की ज़मानत पर फ़ैसला टला16 जनवरी, 2009 | कारोबार 'सत्यम को कोई राहत पैकेज नहीं'15 जनवरी, 2009 | कारोबार 'सत्यम का असर भारत की छवि पर नहीं'14 जनवरी, 2009 | कारोबार सत्यम के खाते नए ऑडिटरों के हवाले14 जनवरी, 2009 | कारोबार गंभीर धोखाधड़ी विभाग करेगा जांच13 जनवरी, 2009 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||