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रामलिंगा राजू की ज़मानत की सुनवाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन रामलिंगा राजू की ज़मानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी. दूसरी ओर सीआईडी ने उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है. दरअसल अदालत में उनसे संबंधित तीन याचिकाएँ दायर की गईं हैं. आंध्र प्रदेश सीआईडी ने रामलिंगा राजू, उनके भाई बी रामा राजू और कंपनी के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफ़ओ) वी श्रीनिवास की हिरासत की अवधि चार दिन बढ़ाने का अनुरोध किया है. इस आशय की याचिका अदालत में बुधवार को दायर की गई थी. इधर रामलिंगा राजू के वकील ने उनकी ज़मानत की याचिका दाखिल की है. साथ ही भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अदालत से रामलिंगा राजू से उसे पूछताछ की अनुमति दिए जाने का अनुरोध किया है. गुरुवार को ही सत्यम के नवगठित बोर्ड की दोदिवसीय बैठक भी हो रही है जिसमें कंपनी के कामकाज चलाने के लिए पैसे जुटाने पर चर्चा होगी. ऐसी ख़बरें हैं कि कई बैंकों ने कर्ज देने की पेशकश की है. उल्लेखनीय है कि अदालत ने 7,800 करोड़ रुपये के घोटाले में इन तीन अभियुक्तों को 22 जनवरी तक हिरासत में भेज दिया था. राजू बंधुओं को नौ जनवरी को ग़िरफ़्तार किया गया था जबकि कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्रीनिवास को दस जनवरी को ग़िरफ़्तार किया गया था. बड़ा घोटाला इस मामले में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) का कहना है कि वो अब तक इस बात का अंदाज़ा नहीं लगा पाई है कि सत्यम कंप्यूटर्स का घपला असल में कितना बड़ा है. बुधवार को सेबी के चेयरमैन सीबी भावे ने कहा, " घोटाले की जाँच के लिए आठ जनवरी को हैदराबाद पहुँचने वाली सेबी की टीम अभी तक यह अंदाज़ा नहीं लगा सकी है कि गड़बड़ी कितनी बड़ी है." सेबी ने कंपनी के प्रमोटरों के लिए नियम और सख़्त करने का फ़ैसला किया है. सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटरों से अनुरोध किया है कि अगर उन्होंने शेयरों के बदले कर्ज लिया है तो वो उसे उजागर करें. सेबी ने ये फ़ैसला सत्यम में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले के बाद किया है. ग़ौरतलब है कि सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन रामलिंगा राजू ने लगभग 7800 करोड़ रुपए के घपले की बात स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. |
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