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शेयर बाज़ार में ज़बर्दस्त गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय शेयर बाज़ारों में मंगलवार को तेज़ गिरावट दर्ज की गई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सूचकांक दस हज़ार अंकों से नीचे फिसल गया. जापान, चीन, हॉंगकॉंग और कोरिया के शेयर बाज़ारों में गिरावट की ख़बर के बाद भारतीय शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ खुले. बीएसई का सूचकांक सेंसेक्स शुरु में साढ़े चार सौ अंक नीचे था लेकिन दोपहर बाद यूरोपीय बाज़ारों में भी गिरावट देखे जाने के बाद बिकवाली तेज़ हो गई. कारोबार के आख़िर में सेंसेक्स 696 अंक नीचे नौ हज़ार 839 के स्तर पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी लगभग 210 अंक नीचे 2938 के स्तर पर बंद हुआ. इससे पहले सोमवार को अमरीकी शेयर बाज़ार भी गिरावट के साथ बंद हुए. डाऊ जोंस 73 और नैस्डेक 30 अंक नीचे रहा था. विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक मंदी के असर बाज़ार में ऊतार-चढ़ाव का दौर लंबे अरसे तक बना रह सकता है. चीन के वित्तीय पैकेज के बाद सोमवार को तेजी आई थी लेकिन फिर कुछ बुरी ख़बरों ने ये तेज़ी गायब कर दी. अमरीका में वाहन कंपनी जनरल मोटर्स की रैंकिंग घटाए जाने और एक निवेशक बैंक की ओर से इस कंपनी के एक शेयर का वास्तविक मूल्य शून्य के क़रीब बताए जाने से निवेशकों में निराशा फैल गई. अमरीकी बाज़ारों में जनरल मोटर्स का शेयर सोमवार को पिछले साठ वर्षों के न्यूनतम स्तर तक जा गिरा. |
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