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'आर्थिक संकट से बचने के हरसंभव प्रयास' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वैश्विक वित्तीय संकट से भारत न तो बच सकता था और न ही बचा है लेकिन इससे निपटने के लिए सरकार हरसंभव क़दम उठा रही है. सोमवार को दिल्ली में वाणिज्य और व्यवसाय जगत से जुड़े लोगों के साथ एक बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने साफ़ कहा कि भारत वैश्विक वित्तीय संकट से निपटने के लिए हरसंभव मौद्रिक और वित्तीय उपाय करेगा क्योंकि वर्तमान संकट लंबे समय तक रह सकता है और ख़तरनाक भी हो सकता है. उन्होंने कहा, '' इतने बड़े स्तर पर आए संकट से बचना मुश्किल था और भारतीय अर्थव्यवस्था बची भी नही है इसके प्रभाव से.हमारे उद्योगों पर और निवेश पर असर पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कम हो गया है. '' उनका कहना था, '' मैं आप लोगों को आश्वस्त करना चाहूंगा कि सरकार घरेलू स्तर पर हरसंभव उपाय करेगी ताकि हमारी वृद्धि दर को बचाया जा सके. '' प्रधानमंत्री का कहना था, '' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम कई देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि एक साथ मिलकर नीति बन सके और इस संकट से निपटा जा सके और विकास बढ़ाया जाए. '' उन्होंने आम जनता से भी कहा कि वो बैंकों में अपने पैसों को लेकर चिंता न करें क्योंकि सरकार सभी बैंकों के साथ है. मनमोहन सिंह का कहना था, '' हमारे बैंक बिल्कुल सही काम कर रहे हैं और उनके पास पैसा भी है. निजी और सार्वजनिक बैंक बिल्कुल ठीक हालत में हैं. लोग अपने डिपॉजिट्स को लेकर बिल्कुल चिंता न करें. '' उन्होंने वित्तीय उपायों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने रेपो रेट और सीआरआर रेट कम कर के बाज़ार में पैसा कम नहीं होने दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोगों को मिलजुल कर इस संकट को एक मौके के रुप में बदलने के प्रयासों में लग जाना चाहिए. उनका कहना था, '' पूर्व में हमारी बचत और निवेश ने हमें बहुत मदद की है. मुझे उम्मीद है कि भारतीय उद्योग जगत इस संकट से उबर जाएगा और उनका विश्वास वापस आ जाएगा. '' प्रधानमंत्री का कहना था कि वैश्विक संकट से भारतीय उद्योग जगत को झटका लगा है और उनका विश्वास वापस लाने की ज़रुरत है. उन्होंने उम्मीद जताई कि संकट पर कोई भी संस्थान अफरा तफरी में क़दम नहीं उठाएगा. उनका इशारा जेट एयरवेज़ के अपने कर्मचारियों को निकालने की तरफ़ था. हालांकि जेट ने बाद में अपने कर्मचारियों को वापस लिया लेकिन कई पायलटों की तनख्वाहें अब कम की जा रही हैं. प्रधानमंत्री विशेष तौर पर उद्योग जगत से मिल रहे थे और उन्होंने इन लोगों के साथ अर्थव्यवस्था पर चर्चा की. इसमें वाणिज्य मंत्री कमलनाथ के अलावा अनिल अंबानी, आनंद महिंद्रा, एमवी कामथ और कई दिग्गज उद्योगपति थे. | इससे जुड़ी ख़बरें शेयर बाज़ार दो वर्षों के निचले स्तर पर23 अक्तूबर, 2008 | कारोबार मुद्राकोष से सहायता की अपील25 अक्तूबर, 2008 | कारोबार भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स संभला27 अक्तूबर, 2008 | कारोबार 'नौकरियों में होगी कटौती'29 अक्तूबर, 2008 | कारोबार महँगाई में लगातार पाँचवें हफ़्ते गिरावट30 अक्तूबर, 2008 | कारोबार बीएसई पर आया बड़ा उछाल31 अक्तूबर, 2008 | कारोबार आरबीआई ने ब्याज दर घटाई01 नवंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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