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एशियाई बाज़ार में गिरावट का क्रम जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गिरावट का क्रम गुरुवार को भी जारी है और एशियाई बाज़ारों में गुरुवार को भी गिरावट दर्ज हुई है. हालांकि स्टॉक एक्सचेंज की वर्तमान स्थिति में सुधार लाने के लिए बैंक ऑफ़ जापान की ओर से लगातार तीसरे दिन बाज़ार में पैसा लगाया गया है. इन कोशिशों के बावजूद बाज़ार की स्थिति में सुधार आता दिखाई नहीं दे रहा है. बैंक ऑफ़ जापान ने गुरुवार को लगातार तीसरे दिन बाज़ार के वित्तीय संकट को टालने की कोशिश की है. राजधानी टोक्यो में शेयर बाज़ार का सूचकांक निक्केई साढ़े तीन प्रतिशत गिरा जिसके बाद बैंक ऑफ़ जापान ने 14.4 अरब डॉलर बाज़ार में डाले हैं. इस बीच, तेल और सोने के दामों में बड़ा उछाल आया है जिसके कारण चिंता और ज़्यादा बढ़ी है. सोने के दाम तो पिछले 10 साल के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गए हैं. भारतीय बाज़ार एशियाई बाज़ारों में मंदी का असर भारतीय शेयर बाज़ार के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है. गुरुवार को भारतीय शेयर बाज़ार में कारोबार की शुरुआत मंदी के साथ हुई. हालांकि बाद में वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने एक बयान में कहा कि भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक लीमैन के प्रभाव से अछूते हैं.
वित्तमंत्री के इस बयान के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में उछाल आया जिससे बाज़ार की हालत कुछ सुधरी है. दिन का कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स में लगभग 700 अंकों की गिरावट दर्ज हुई थी वहीं निफ़्टी में भी लगभग 185 अंकों की गिरावट देखी गई थी. पर बाज़ार में सुधार का क्रम शुरू होने के बाद सेंसेक्स कुछ संभला और फिलहाल 13,119 (भारतीय समयानुसार दोपहर दो बजे) के सूचकांक पर बना हुआ है. पस्त पड़ा बाज़ार बुधवार को अमरीका की सबसे बड़ी निवेश कंपनी अमेरिकन इंश्योरेंस ग्रुप को सरकारी मदद मिलने की घोषणा की गई थी. माना जा रहा था कि इसके बाद बाज़ार में कुछ सुधार दर्ज होगा. पर सरकारी मदद की घोषणा के बावजूद अमरीकी स्टॉक मार्केट में बुधवार को बड़ी गिरावट देखी गई और डाओ जोन्स सूचकांक 450 अंक गिरकर लगभग 10610 के स्तर पर बंद हुआ. अब सरकार खुद ही वित्तीय कंपनियों को लेकर चिंता जता रही है जिससे पूरी वित्तीय व्यवस्था को लेकर शंकाएं पैदा हो गई हैं. बुधवार को तेल के दाम लगभग साढ़े छह प्रतिशत बढ़े हैं यानी एक ही दिन में तेल के दाम छह डॉलर बढ़ गए हैं और तेल अब 97 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है. उधर सोने के दाम में भी उछाल आया है. |
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