|
तेल के दामों में बढ़ोत्तरी जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दामों में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है और शुक्रवार को जब बाज़ार में कारोबार शुरू हुआ तो तेल की क़ीमत एक नए रिकॉर्ड दाम पर आ गई. बढ़ती मांग और आपूर्ति को लेकर जिस तरह की चिंता बनी हुई है, उसके बीच शुक्रवार को अमरीकी बाज़ार में कच्चा तेल 124.69 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया. हालांकि लंदन के बाज़ार में यह बढ़त गुरुवार के मुक़ाबले 85 सेंट ज़्यादा थी यानी 123.69 डॉलर. ग़ौरतलब है कि इसी सप्ताह तेल के दामों पर चिंता व्यक्त करते हुए एक रिपोर्ट में कहा गया था कि तेल के दामों में बढ़त का क्रम अभी जारी रहने की आशंका है. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि यदि माँग और आपूर्ति में ऐसा ही अंतर बना रहा, जैसा कि इस समय है तो छह महीने के न्यूनतम समय में ही तेल की क़ीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँचेगी. तेल की क़ीमतें पिछले चार महीने में 25 प्रतिशत तक बढ़ी है और पिछले सात सालों में तेल की क़ीमतों में 400 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है. चीन की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के चलते वहाँ तेल की ज़रुरत बढ़ी है और इससे थोड़ी कम ज़रुरत भारत की है जहाँ अर्थव्यवस्था बढ़ रही है. ये दोनों ही देश अब तेल की माँग के मामले में अमरीका, यूरोपीय संघ और जापान की बराबर पहुँचने लगे हैं. नाइजीरिया और उत्तरी इराक़ से तेल की आपूर्ति में बाधा की आशंका और अमरीकी बाज़ार में तेल की माँग बढ़ने के आकलनों के चलते कच्चे तेल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'तेल बिकेगा 200 डॉलर प्रति बैरल'07 मई, 2008 | कारोबार कच्चा तेल 122 डॉलर प्रति बैरल06 मई, 2008 | कारोबार तेल की कीमत 117 डॉलर प्रति बैरल19 अप्रैल, 2008 | कारोबार तेल का दाम 115 डॉलर तक पहुँचा17 अप्रैल, 2008 | कारोबार आपूर्ति की कमी से तेल रिकॉर्ड महंगा10 अप्रैल, 2008 | कारोबार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुँची तेल की क़ीमत10 मार्च, 2008 | कारोबार तेल 100 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर 02 जनवरी, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||