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भारतीय शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बढ़ती महँगाई और दुनिया भर के बाज़ारों में छाई सुस्ती के असर से भारतीय शेयर बाज़ारों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. मौजूदा वित्त वर्ष के अंतिम दिन शेयर बाज़ार में आई गिरावट के पीछे अमरीकी आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और रुपए की मजबूती का कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव समेत कई कारण रहे. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सूचकांक सेंसेक्स लगभग 727 अग गिरकर 15 हज़ार 644 पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी लगभग 207 अंक लुढ़क कर 4,734 रह गया. इस वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में सेंसेक्स में लगभग 23 फ़ीसदी की गिरावट आ चुकी है. कारोबार के दौरान बैंकिंग, आईटी और रीयल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई. अमरीकी और मुख्य एशियाई बाज़ारों में गिरावट का असर भी भारतीय बाज़ारों में दिखा. पिछले कुछ समय से अर्थव्यवस्था से जुड़ी नकारात्मक ख़बरों के कारण शेयर बाज़ारों में उछाल थम गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें एशियाई शेयर बाज़ारों में सुधार19 मार्च, 2008 | कारोबार बाज़ार का पाँव फिर फिसला17 मार्च, 2008 | कारोबार सूचकांक ने फिर लगाया गोता10 मार्च, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार में रिकॉर्ड गिरावट03 मार्च, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ार में भारी गिरावट03 मार्च, 2008 | कारोबार बजट से नहीं संभले शेयर बाज़ार29 फ़रवरी, 2008 | कारोबार शुरूआती सुधार के बाद फिर गिरा बाज़ार12 फ़रवरी, 2008 | कारोबार भारतीय शेयर बाज़ार में फिर गिरावट 07 फ़रवरी, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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