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रिलायंस पावर ने मचाई हलचल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ ने शेयर बाज़ार में ज़बर्दस्त हलचल पैदा कर दी है. भारत में अब तक के सबसे बड़े आईपीओ के साथ 11 हज़ार 500 करोड़ रुपए जुटाने के इरादे से रिलायंस पावर मंगलवार को पूंजी बाज़ार में उतरी है. इस आईपीओ ने खुदरा निवेशकों के लिए उम्मीद की एक लहर पैदा कर दी है जो देश के विकास की गंगा में जल्द से जल्द हाथ धोना चाहते हैं. इस आईपीओ ने निवेशकों में इतना उत्साह पैदा कर दिया जिसके दबाव में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सूचकांक मंगलवार को 477 अंक नीचे लुढ़क गया. रिलायंस पावर के आईपीओ के खुलने के बाद कुछ कंपनियों और निवेशकों ने इसमें निवेश करने के लिए अपने जमा सौदों की बिक्री की. इससे सेंसेक्स 477 अंकों की गिरावट के साथ 20,251 पर बंद हुआ. एक तरफ तो ये नज़ारा था तो दूसरी ओर खुलने के पहले चार ही घंटे में आईपीओ लगभग 10 गुना बिक (ओवरसब्स्क्राइब) गया. जबकि यह आईपीओ 15 जनवरी से लेकर 18 जनवरी खुला रहेगा. नई लहर दरअसल भारत में आर्थिक समृद्धि ने एक नई लहर पैदा की है.
लोग निवेश के नए विकल्प तलाश कर रहे हैं. लोगों को कहीं भी ऐसी संभावना दिखाई पड़ती हैं, वहीं लोग टूट पड़ते हैं. हाल में टाटा की नैनो कार ने लोगों में एक ललक पैदा की तो रिलायंस पावर के आईपीओ ने भी आम आदमी में कुछ वैसा ही उत्साह पैदा किया है. यही वजह है कि सैकड़ों लोग इस आईपीओ में निवेश के लिए डीमैट खाता खोल रहे हैं. इस खाते के माध्यम से ही आप शेयर में निवेश कर सकते हैं. इस आईपीओ ने आपके डीमैट खाते का भाव भी बढ़ा दिया है. ख़बरें आ रही हैं कि अगर आपका डीमैट खाता है और उसमें से आप रिलायंस पावर के आईपीओ के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं, तो ऐसे कई लोग हैं जो आपके नाम पर अर्जी लगाने के लिए तैयार हैं. यह धंधा ग़ैरकानूनी है और इसमें अलॉटी के मुकरने पर पैसा डूब भी सकता है लेकिन लोग ये ख़तरा मोल लेने को तैयार नज़र आ रहे हैं. इस आईपीओ में निवेश के लिए लोगों की कतारें देखी जा रही हैं और ये हाल केवल बड़े शहरों के ही नहीं ये लहर मझौले शहर तक जा पहुँची है. नए तरीके इधर अनिल अंबानी की वित्तीय सेवा कंपनी रिलायंस मनी सभी तरीके आजमा रही है. मध्यम वर्ग को इस आईपीओ की याद दिलाई जा रही है. इसके लिए रिलायंस मनी ने मुंबई की डिब्बावाला एसोसिएशन से क़रार किया है. डिब्बेवाले लगभग डेढ़ लाख लोगों को फॉर्म दे रहे हैं, साथ ही वे भरे हुए फॉर्म वापस कंपनी के पास जमा भी कराएंगे. इसके अलावा रिलायंस कम्युनिकेशन ने मोबाइल में रिलायंस पावर के प्रोमोशन को ‘रिंग टोन’ बना दिया है. इसके पीछे कोशिश यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस इश्यू की जानकारी पहुँचाई जा सके. अनिल अंबानी ने छोटे निवेशकों को लुभाने का इंतज़ाम भी किया है. उन्हें एक भाग भुगतान का विकल्प भी दिया गया है. कहा जा रहा है कि इस इश्यू के बाद अनिल अंबानी अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी से आगे निकल जाएंगे. |
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