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बुधवार, 19 दिसंबर, 2007 को 10:16 GMT तक के समाचार
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'इसी रफ़्तार से दौड़ेगा आर्थिक वृद्धि का पहिया'
मनमोहन सिंह
मनमोहन ने अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति-जनजाति की समस्याओं को दूर करने पर ज़ोर दिया है
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में आर्थिक वृद्धि दर को कायम रखने पर ज़ोर दिया गया है और इसके 10 फ़ीसदी रहने की उम्मीद है.

बुधवार को राजधानी दिल्ली में ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना की स्वीकृति के लिए आयोजित राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में उन्होंने कहा कि योजना में ऐसे प्रावधान है जिससे हम न केवल विकास की मौजूदा रफ़्तार को निकट भविष्ट में बरकरार रख सकेंगे, बल्कि अगले पाँच वर्षों में इसे 10 फ़ीसदी तक ले जाने में भी सफल रहेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक हलचलों से बेपरवाह नहीं रह सकता और खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए देश को दालों और खाद्य तेलों के भंडार में वृद्धि की ज़रूरत है.

हलचल का असर

उन्होंने कहा कि दुनिया में कर्ज़ संकट और खाद्यान्नों की कीमतों में बढ़ोत्तरी जैसी घटनाओं का असर भारत पर भी होना लाज़मी है.

 हमें खाद्यान्न भंडार में वृद्धि करने की ज़रूरत है. इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सस्ते अनाज की आपूर्ति सिर्फ़ ज़रूरतमंद और ग़रीबों को ही हो
मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

उन्होंने कहा, “हमें खाद्यान्न भंडार में वृद्धि करने की ज़रूरत है. इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सस्ते अनाज की आपूर्ति सिर्फ़ ज़रूरतमंद और ग़रीबों को ही हो.”

अमरीका में कर्ज़ संकट के भारत पर पड़े असर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “इस कर्ज़ संकट के बाद विश्वभर के शेयर बाज़ारों पर बादल छाए...लेकिन हम इन हलचलों से अछूते नहीं रह सकते हैं.”

उल्लेखनीय है कि अमरीका में कर्ज़ संकट और ब्याज दरों में कटौती की आशंकाओं के मद्देनज़र एशियाई और भारतीय बाज़ारों पर भयानक असर हुआ था.

सोमवार को 30 शेयरों वाला बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 770 अंक लुढ़क गया था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी में भी इसके इतिहास की सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई थी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति और जनजातियों की समस्याओं को दूर करने पर ज़ोर दिया जाना चाहिए.

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