|
ब्रिटेन ने पूंजीगत फ़ैसलों को सराहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने अमरीकी फ़ेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों के वित्तीय बाज़ार की मदद के प्रयासों का स्वागत किया है. ब्रिटेन के टाइम्स अख़बार से बातचीत में गॉर्डन ब्राउन ने कहा कि ऐसे सहयोग पर और ध्यान दिया जाना चाहिए. इसके पहले अमरीकी फ़ेडरल रिजर्व और कई अन्य केंद्रीय बैंकों ने दुनिया के बाज़ारों को 110 अरब डॉलर उपलब्ध कराने घोषणा की थी. ये घोषणा अभूतपूर्व मानी जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये क़दम धन की उपलब्धता में भारी कमी के बाद उठाया गया है. अमरीकी फ़ेडरल रिजर्व यूरोपीय केंद्रीय बैंक और ब्रिटेन, कनाडा और स्विट्ज़रलैंड के केंद्रीय बैंकों के साथ मिलकर नीलामी के जरिए पूंजीगत ऋण उपलब्ध कराएगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये पहला ऐसा क़दम है. इसके पहले अमरीका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कटौती का फ़ैसला किया था. इसकी वजह से अमरीकी और एशियाई बाज़ारों में तेज़ी देखी गई थी. विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीकी गृह निर्माण क्षेत्र में भारी गिरावट को थामने के लिए ये क़दम उठाया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें कमज़ोर होता अमरीकी निर्माण उद्योग02 दिसंबर, 2006 | कारोबार अमरीका-यूरोप के शेयर बाज़ार गिरे02 नवंबर, 2007 | कारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था में आई और तेज़ी31 अगस्त, 2007 | कारोबार 'अमरीका की बराबरी कर लेगा चीन'02 जून, 2007 | कारोबार अमरीका, एशिया के शेयर बाज़ार गिरे08 नवंबर, 2007 | कारोबार अर्थव्यवस्था में नौ फ़ीसदी से ज्यादा वृद्धि31 मई, 2007 | कारोबार बढ़ती ब्याज दर और भारतीय अर्थव्यवस्था03 अप्रैल, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||