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अमरीका-यूरोप के शेयर बाज़ार गिरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में कर्ज़ और गृह निर्माण क्षेत्र में उपजी चिंता के चलते यूरोप और अमरीका के शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट आई है. न्यूयॉर्क के डाउ जोन्स में जहाँ 360 अंकों की गिरावट के साथ 2.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वहीँ लंदन के मुख्य इंडेक्स में 135 अंकों की गिरावट के साथ 2.02 प्रतिशत की गिरावट आई. जर्मनी और फ़्रांस में भी महत्वपूर्ण शेयरों में गिरावट दिखाई दी. एक दिन पहले ही शेयर बाज़ारों को वह मिला था जिसकी उसे अपेक्षा थी. अमरीकी केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कमी कर दी. लेकिन अब बाज़ार पर बैंकिंग व्यवसाय को लेकर जारी की गई चेतावनी का असर पड़ा है. इसके चलते वित्तिय उद्योगों पर सबसे अधिक पड़ा है. इसकी शुरुआत अमरीका से हुई है जहाँ बड़ी संख्या में लोग घर बनाने के लिए कर्ज लेने के बाद उसे चुकाने में विफल रहे हैं, इसके चलते बैंकों के पूरी दुनिया में किए गए निवेश पर असर पड़ा है. विश्लेषकों ने अब चेतावनी दी है कि सिटीग्रुप, जो सबसे बड़ा बैंक हैं, को अपने शेयरधारकों को कम लाभांश देना होगा. शेयरधारकों को शेयर बेचने की सलाह भी दी गई है. इसके अलावा कई और बैकों के शेयरों के दामों में भारी कमी आई है. बीबीसी के आर्थिक मामलों के संवाददाता एंड्रयू वॉकर का कहना है कि हालांकि विकसित देशों के बाज़ार में तूफ़ान नज़र आ रहा है लेकिन अगर डाउजोन्स और लंदन शेयर बाज़ार पर नज़र डालें तो पता चलेगा कि वे इस साल की शुरुआत की तुलना में अभी भी मज़बूत स्थिति पर खड़े हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सेंसेक्स ने 20 हज़ार का आँकड़ा पार किया29 अक्तूबर, 2007 | कारोबार पी-नोट्स के लिए सेबी के नए नियम25 अक्तूबर, 2007 | कारोबार दुनिया के शेयर बाज़ार फिर गिरे01 मार्च, 2007 | कारोबार चीनी शेयर बाज़ार का असर दुनिया पर28 फ़रवरी, 2007 | कारोबार नेशनल एक्सचेंज में अमरीकी हिस्सेदारी10 जनवरी, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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