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पाकिस्तान का मंडप बना आकर्षण का केंद्र | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में पाकिस्तान का मंडप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. हालाँकि पाकिस्तानी अधिकारी सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं. भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) हर साल व्यापार मेले का आयोजन करता है और इस बार चीन के बाद दूसरी सबसे बड़ी भागीदारी पाकिस्तान की ओर से हुई है. इस मेले का मूल मकसद विदेशी कारोबारियों को भारतीय बाज़ार से रू-ब-रू कराना है. पाकिस्तान मंडप के निदेशक और फेडरेशन ऑफ़ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सदस्य शेख़ फ़ारूक़ अहमद ने बताया कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक संख्या में लोग पाकिस्तान मिर्मित साज़ो सामान ख़रीद रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस बार मेले में पाकिस्तान के कुल 63 स्टॉल लगाए गए हैं जिनमें सबसे ज़्यादा 14 स्टॉल ऑनिक्स पत्थरों से बने सामानों के हैं. कारोबार ऑनिक्स पत्थरों से निर्मित सामानों का कारोबार करने वाली कंपनी क्लीवडन इंटरप्राइजेज के अरशद आलम ने बताया कि इस बार उनके सामानों की बिक्री सबसे अधिक हुई है.
आलम पिछले छह वर्षों से भारतीय व्यापार मेले में स्टॉल लगा रहे हैं. उन्होंने बताया कि वापसी में वो भारत से ग्रेनाइट पत्थरों से बने सामान ले जाते हैं जिनकी पाकिस्तान में भारी माँग है. पाकिस्तान के प्रसिद्ध हाशमी सूरमे का स्टॉल महिलाओं को खूब भा रहा है. फ़रीदाबाद से यहाँ पहुँची कॉलेज छात्रा निक्की आनंद कहती हैं, "भारतीय ब्रांडों की तुलना में हाशमी के काज़ल और सूरमे की गुणवत्ता कहीं बेहतर है." पाकिस्तान में बने सिल्क के कपड़ों, चाय और मशालों की भी काफी माँग है. शिकायत पाकिस्तानी मंडप के निदेशक शेख़ फ़ारूक़ का कहना है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते सामान्य होने के बावजूद कारोबारियों को समुचित सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं. वो कहते हैं, "ग्राहकों के रूख़ से साफ है कि पाकिस्तानी उत्पाद भारतीय बाज़ार में पैठ बना सकते हैं लेकिन भारतीय अधिकारी इसके लिए ज़रूरी सुविधाएँ नहीं दे पा रहे हैं." वो बताते हैं कि व्यापार मेले में ही 236 डॉलर प्रति वर्ग मीटर की दर से उन्हें स्टॉल मुहैया कराया गया है जो काफी अधिक है. शेख़ फ़ारूक़ दोनों दोतरफ़ा व्यापार बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन के समय पाकिस्तान से व्यापार प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित करने और उनकी माँगों पर विचार करने का सुझाव देते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें न टमाटर ख़रीदेंगे न बेचेंगे09 अक्तूबर, 2007 | कारोबार इमरजेंसी का असर, शेयर बाज़ार लुढ़के05 नवंबर, 2007 | कारोबार टमाटर से लदे ट्रकों ने रचा इतिहास01 अक्तूबर, 2007 | कारोबार बुलंदी पर है पाकिस्तान का आईटी उद्योग15 अगस्त, 2007 | कारोबार सीमेंट की मज़बूती और चाय की ताज़गी01 अगस्त, 2007 | कारोबार पाक पहुँची भारतीय कंपनी कैफ़े कॉफ़ी डे04 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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