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आईफ़ोन बाज़ार में आया, ग्राहक लपक पड़े | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन और जर्मनी के स्टोरों में ऐप्पल के आईफ़ोन की बिक्री शुक्रवार से शुरू हो गई है. हज़ारों लोग इस उपकरण को ख़रीदने के लिए लालायित दिखे. लंदन रीजेन्ट स्ट्रीट के एप्पल स्टोरों पर आईफ़ोन ख़रीदने के लिए के लिए ख़राब मौसम के बावजूद उत्सुक ग्राहकों की कतार लग गई है. लेकिन उन्हें यह परेशानी भी थी कि यह फ़ोन एक विशिष्ट मोबाइल नेटवर्क के साथ ही काम कर सकेगा. ब्रिटेन में यह फ़ोन केवल ओ-2 के नेटवर्क पर ही काम करेगा जबकि जर्मनी में इस उपकरण को टी-मोबाइल सहारा देगा. हालॉकि इस फ़ोन को दूसरे नेटवर्क के साथ भी चलाया जा सकता है लेकिन इससे इनकी वारंटी समाप्त हो जाएगी. यह भी हो सकता है अगर इसमें ऐप्पल कासॉफ़्टवेयर डाला गया है तो यह उपकरण ही टूट जाए. लंदन में ग्राहम गिलबर्ट और निक फ़्लेचर नामक दो दोस्त फ़ोन लेने की कतार में सबसे आगे थे. मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय के छात्र ग्राहम गिलबर्ट कहते हैं, “यह आश्चर्यजनक है, मुझे तो यह बात पसंद आई है कि मैं जो भी कुछ साथ लेकर चलता हूँ, वह सब एक ही उपकरण में आ जाएगा. मुझे यह नहीं सोचना पड़ेगा कि कहीं मैं अपना आईपॉड भूल तो नहीं गया.” तकनीक की कमी आलोचकों का कहना है कि यह उपकरण प्रयोग करने में उपभोक्ताओं के लिए आसान तो है लेकिन तकनीक के मामले में यह दूसरे फ़ोनों से कमज़ोर है. आईफ़ोन केवल धीमे चलने वाले 2-जी नेटवर्क पर काम करते हैं. इससे मोबाइल बैब ब्रोज़र के रूप में इनका उपयोग कम हो जाता है. लेकिन यह वाई-फ़ाई हॉटस्पॉट को जोड़ते हैं. इंग्लैंड में आईफ़ोन के उपभोक्ता इंटरनेट से मुफ़्त में जुड़े रह सकते हैं. आईफ़ोन के मार्केटिंग प्रमुख ग्रेग जोस्वाइक 2-जी नेटवर्क के कारण इस फ़ोन को होने वाले नुकसान की बात से इंकार करते हैं.
वे कहते हैं, “हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि हमारे पास एक छोटा सा उपकरण है और लंबे समय तक चलने वाली बैटरी है. आज यह 3जी में भी नहीं हो सकता.” टॉक टाइम उनके “अनुसार उसमें बहुत पावर की ज़रूरत होती है, इसीलिए ज़्यादातर 3जी फ़ोनों में क़रीब आठ घंटे का ही टॉकटाइम होता है.” आईफ़ोन की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्बी नोकिया एन95 है. दोनों कंपनियों द्वारा मिले आँकड़ों के अनुसार नोकिया एन95 पर 2जी नेटवर्क के साथ केवल चार घंटे का ही टॉकटाइम मिलता है जबकि एप्पल के उपकरण पर यह आठ घंटे है. ओवम के साथ काम करने वाले एक विश्लेषक जोनाथन आर्बर का कहना है “लंबे समय में यह देखना रुचिकर होगा कि कैसे उपभोक्ता इस उपकरण के लिए खर्च करते हैं.” उनके अनुसार, “ब्रिटेन में ज़्यादातर उपभोक्ता या तो प्री-पेड फ़ोन का इस्तेमाल कर रहे हैं या उन्हें फ़ोन का उपकरण मुफ़्त में मिला है.” वे कहते हैं, “इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के लिए आईफ़ोन एक आकर्षण बना हुआ है.” विश्लेषकों के अनुसार ब्रिटेन के 16000 उपभोक्ताओं में से दस फ़ीसद ने आईफ़ोन को ख़रीदने की ख़ासी इच्छा ज़ाहिर की है. इनमें से पचास फ़ीसदी लोगों ने इस वक़्त अपने फ़ोन के लिए कोई खर्च नहीं किया था और बाकी पचास फ़ीसदी प्री-पेड कांट्रेक्ट पर थे. अमरीका में बिक्री शुरू होने के बाद से ऐप्पल ने 14 लाख आईफ़ोन बेच दिए हैं और ओ-2 और टी-मोबाइल भी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं. ग्रेग जोस्वाइक कहते हैं कि “लोग आईफ़ोन को बेहद पसंद कर रहे हैं. उन्हें दूसरे फ़ोन पसंद नहीं आ रहे हैं इसीलिए हमारी बिक्री इतनी बढ़ रही है.” जर्मनी में टी-मोबाइल के मालिक डच टेलीकॉम के प्रवक्ता रिनी ब्रेसगेन कहती हैं, “हमें उम्मीद है कि यह उपकरण बाज़ार में अच्छा प्रदर्शन करेगा.” कुछ लोग तो ब्रिटेन में औपचारिक रूप से आईफ़ोन की बिक्री का इंतज़ार भी नहीं कर पाए. उन्होंने इसे अमरीका से ख़रीदा और किसी भी अन्य नेटवर्क से जुड़वा लिया. एक उपभोक्ता डेरिल ने बीबीसी को बताया कि वह अमरीका से अपने और दोस्तों के लिए 14 फ़ोन लाए थे जिन्हें उन्होंने दूसरे नेटवर्क पर खुलवाया. | इससे जुड़ी ख़बरें पहली बार नज़र आई आईफ़ोन की शान11 जनवरी, 2007 | विज्ञान आईफ़ोन नाम को लेकर ऐपल पर मुक़दमा12 जनवरी, 2007 | विज्ञान एप्पल और सिस्को में हुआ समझौता22 फ़रवरी, 2007 | कारोबार ऐपल का आईफ़ोन बाज़ार में आया30 जून, 2007 | विज्ञान युवा हैकर ने 'अनलॉक' किया आईफ़ोन को25 अगस्त, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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