|
एप्पल और सिस्को में हुआ समझौता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एप्पल और सिस्को के बीच आईफ़ोन ब्रांड नाम को लेकर चल रहा विवाद सुलझ गया है और अब दोनों ही कंपनियां अपने उत्पादों के लिए आईफ़ोन नाम का इस्तेमाल करेंगी. पिछले महीने एप्पल ने अपने आईपॉड आधारित मोबाईल फोन की शुरुआत की थी और इसका नाम आईफ़ोन रखा था. सिस्को ने इसके ख़िलाफ़ अपील की थी क्योंकि सिस्को ने 2006 में इस नाम से फ़ोन बेचने शुरु कर दिए थे. दोनों कंपनियों के बीच हुए समझौते के तहत अब दोनों कंपनियां मिलकर सुरक्षा, उपभोक्ता और व्यवसाय आधारित सूचनाओं के आदान प्रदान के मुद्दों पर मिलकर काम करेंगे. हालांकि इस समझौते के वित्तीय पहलूओं की जानकारी किसी को नहीं दी गई है. सिस्को और एप्पल ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि दोनों ही कंपनियां दुनिया भर में अपने उत्पादों का नाम आईपॉड रखेंगी. इसके साथ ही इस संबंध में अदालतों में दायर याचिकाएं ख़ारिज हो जाएंगी. एप्पल द्वारा आईफ़ोन के प्रदर्शन के बाद सिस्को ने आरोप लगाया था कि आईफ़ोन नाम का इस्तेमाल कर एप्पल ने ट्रेडमार्क समझौते का उल्लंघन किया है. सिस्को 2006 से ही इंटरनेट उपलब्ध कराने वाले अपने फ़ोन आईफ़ोन के नाम से बेच रहा है. सिस्को को यह ट्रेडमार्क तब मिला था जब उन्होंने 2000 में इंफोगियर नामक कंपनी ख़रीदी थी. इंफोगियर ने 1996 में आईफ़ोन नाम पंजीकृत कराया था. एप्पल ने अपने आईफ़ोन का प्रदर्शन पहली बार इस साल जनवरी माह में किया था. आईफ़ोन के जून महीने तक अमरीकी बाज़ार में आने की उम्मीद है जबकि यूरोप में यह फ़ोन दिसंबर तक आएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें आईपॉड की टक्कर में ज़ून22 जुलाई, 2006 | पत्रिका एप्पल की आईट्यून्स का रिकॉर्ड26 फ़रवरी, 2006 | पत्रिका 'एमपी3 प्लेयर से बहरेपन का ख़तरा'19 अगस्त, 2005 | विज्ञान पहली बार नज़र आई आईफ़ोन की शान11 जनवरी, 2007 | विज्ञान आईफ़ोन नाम को लेकर ऐपल पर मुक़दमा12 जनवरी, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||