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इंफ़ोसिस ने फ़िलिप्स के बीपीओ ख़रीदे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की प्रमुख सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इंफ़ोसिस टेक्नॉलॉजी लिमिटेड ने फ़िलिप्स इलेक्ट्रानिक्स की तीन बीपीओ इकाइयाँ ख़रीदने के लिए उसके साथ 25 करोड़ डालर यानी लगभग एक हज़ार करोड़ रुपए का अनुबंध किया है. इंफ़ोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के गोपालकृष्णन ने बुधवार को बताया कि कंपनी ने भारत, पोलैंड और थाइलैंड में फ़िलिप्स का बीपीओ कारोबार ख़रीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं. उन्होंने बताया कि कंपनी इन तीन देशों में फ़िलिप्स के केंद्रों से 1400 कर्मचारियों को ले लेगी. इंफ़ोसिस के अधिकारियों का कहना था कि यह अधिग्रहण अक्तूबर तक पूरा होने की संभावना है. गोपालकृष्णन ने बताया कि इस अधिग्रहण से कंपनी को यूरोप में अपना कारोबार फैलाने में मदद मिलेगी. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी बालकृष्णन ने कहा कि इस अधिग्रहण से इंफ़ोसिस बीपीओ विश्व की पांच बड़ी वित्तीय और एकाउंट सेवाएँ प्रदान करने वाले बीपीओ में शामिल हो जाएगा. ग़ौरतलब है कि इंफ़ोसिस भारत की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर निर्यातक कंपनी है. यह सबसे अधिक कारोबार अमरीका के साथ करती है और 60 फ़ीसदी राजस्व उसे वहीं से प्राप्त होता है. कंपनी ने हाल में तिमाही नतीजे घोषित किए थे और इस दौरान उसने 3730 नए कर्मचारियों को नियुक्ति की थी. उल्लेखनीय है कि इंफ़ोसिस की 73 प्रतिशत आय डॉलर में होती है. | इससे जुड़ी ख़बरें इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा 35 फ़ीसदी बढ़ा11 जुलाई, 2007 | कारोबार इन्फ़ोसिस की आय में ज़बर्दस्त वृद्धि13 अप्रैल, 2007 | कारोबार इन्फ़ोसिस के मुनाफ़े में भारी वृद्धि11 जनवरी, 2007 | कारोबार नए ग्राहकों से बढ़ा इन्फ़ोसिस का मुनाफ़ा 11 अक्तूबर, 2006 | कारोबार इन्फ़ोसिस का लाभ 649 करोड़ रुपए बढ़ा11 जनवरी, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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