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'मँहगाई घटाना सरकार की प्राथमिकता' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि उनकी सरकार मँहगाई को नियंत्रित रखने के लिए कृतसंकल्प है और इसके लिए कुछ नीतिगत फ़ैसले लिए जा सकते हैं. उन्होंने आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक में कहा कि भारत के विकास के लिए विश्व बाज़ार में अभी भारत की सकारात्मक पहचान है लेकिन घर में कई बाधाएँ हैं जिन्हें दूर करने की कोशिश होनी चाहिए. बैठक में माना गया कि मँहगाई का मामला तात्कालिक है और इसे दूर किया जा सकता है. सलाहकार परिषद के अध्यक्ष डॉ सी रंगराजन ने इस अवसर पर भारतीय अर्थव्यवस्था के आँकड़े पेश किए और उम्मीद जताई कि चालू वित्त वर्ष के आख़िर तक आँकड़े सुखद रहेंगे. उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की ख़रीदारी और निवेश इन दोनों कारणों से विकास हो रहा है. रंगराजन ने भी माना की छोटी अवधि में मुद्रास्फ़ीति सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि तेल के साथ-साथ अन्य सामानों का भी आयात बढ़ रहा है.डॉ रंगराजन ने कहा कि अग़र मँहगाई बढ़ती रही तो सरकार कोई कदम उठा सकती है. परिषद ने इस वर्ष आम भारतीय की आय क्षमता में सात फ़ीसदी इजाफ़ा होने की उम्मीद जताई है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारतीयों के जीवन में रचा बसा टाटा31 जनवरी, 2007 | कारोबार अधिग्रहण का फ़ायदा होगा: रतन टाटा31 जनवरी, 2007 | कारोबार कोरस का सौदा टाटा के पक्ष में30 जनवरी, 2007 | कारोबार 'व्यापार वार्ता शुरू होनी चाहिए' 27 जनवरी, 2007 | कारोबार एनआरआई बाज़ार ने बदले समीकरण03 फ़रवरी, 2007 | पत्रिका मँहगाई पर लगाम कसने की कोशिश31 जनवरी, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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