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टाटा का निवेश प्रस्ताव अधर में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि भारतीय औद्योगिक समूह टाटा के तीन अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव पर अब वहाँ की अगली सरकार ही कोई फ़ैसला करेगी. बांग्लादेश के उद्योग मंत्री मतिउर रहमान निज़ामी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया. ग़ौरतलब है कि बांग्लादेश में अगले वर्ष जनवरी में आम चुनाव होने हैं और इससे ठीक पहले ख़ालिदा जिया सरकार किसी विदेशी कंपनी के निवेश प्रस्ताव पर मुहर लगाने से हिचकिचा रही थी. टाटा और बांग्लादेश सरकार के बीच जुलाई में बातचीत टूट गई थी. उस समय उद्योग मंत्री निज़ामी ने कहा था कि सरकार कोई फ़ैसला करने में असमर्थ है. योजना इसके बाद टाटा ने तुरंत अपनी सारी प्रस्तावित परियोजनाएँ स्थगित करने का ऐलान कर दिया था. कंपनी के कार्यकारी निदेशक एलन रॉसलिंग ने कहा कि बांग्लादेश सरकार परियोजनाओं को शुरु करने से संबंधित अंतिम समझौते पर दस्तख़त करने में काफ़ी देरी कर रही है. हालाँकि वहाँ के निवेश बोर्ड के अध्यक्ष महमुदुर रहमान ने कहा कि सौदा ख़त्म नहीं हुआ है. टाटा समूह की योजना बांग्लदेश में एक इस्पात इकाई, एक उर्वरक फैक्ट्री और एक बिजली संयंत्र लगने की है. कंपनी वहाँ एक कोयला खदान भी विकसित करना चाहती है. इन | इससे जुड़ी ख़बरें टाटा कर सकता है कोरस का अधिग्रहण09 अक्तूबर, 2006 | कारोबार ज़िंदगी में रातोरात लग गए पहिए27 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल में कार कारखाने का विरोध26 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस टाटा ग्रुप अरबों डॉलर का निवेश करेगा25 अगस्त, 2006 | कारोबार टाटा की बांग्लादेश परियोजना स्थगित10 जुलाई, 2006 | कारोबार टाटा बताएँगे निवेश बढ़ाने के उपाय24 मार्च, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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