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भारत-आसियान व्यापार वार्ता शुरु करेंगे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों का संगठन आसियान मुक्त व्यापार वार्ता दोबारा शुरु करने पर सहमत हो गए हैं. कई महीनों से इस मसले पर बातचीत ठप्प पड़ी हुई थी. हालाँकि आसियान अधिकारियों के मुताबिक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए यह ज़रुरी है कि भारत अपनी ओर से दिए जाने वाली रियायतों का दायरा और बढ़ाए. मलेशिया में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं. मलेशिया के व्यापार मंत्री रफ़ीदाह अज़ीज ने कहा कि भारत ने हाल ही में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के दायरे से बाहर रखी गई आरक्षित वस्तुओं की सूची में कटौती की है जो स्वागत योग्य है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत ने अन्य शुल्कों की कटौती के लिए जो समयसीमा बनाई है वो बहुत लंबी है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक भारत आसियान के साथ व्यापार बढ़ाने का इच्छुक है लेकिन कृषि और कपड़ा जैसे क्षेत्रों को खुले मुक्त बाज़ार के दायरे में लाने के बजाए इसे संरक्षण देना चाहता है क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है. | इससे जुड़ी ख़बरें बैठक बीच में छोड़ आए कमलनाथ02 जुलाई, 2006 | कारोबार 'डब्ल्यूटीओ में कोई समझौता नहीं होगा'01 जुलाई, 2006 | कारोबार भारत-पाक व्यापार में 76 प्रतिशत वृद्धि13 जनवरी, 2006 | कारोबार आसियान देश मुक्त व्यापार पर आगे बढ़े29 नवंबर, 2004 | कारोबार मुक्त व्यापार क्षेत्र पर सहमति नहीं बनी06 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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