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भारत-पाक व्यापार में 76 प्रतिशत वृद्धि | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले एक साल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले व्यापार में 76 प्रतिशत वृद्धि हुई है. एक रिपोर्ट के अनुसार भारत-पाक व्यापार इस वित्त वर्ष में एक अरब डॉलर से भी बढ़ सकता है. ये रिपोर्ट भारतीय उद्योग संघ (सीआईआई) और इंडिया डिवेलप्मेंट फ़ाउडेशन नाम की संस्था ने पाकिस्तान-इंडिया सीईओस बिज़नेस फ़ोरम यानि पाकिस्तान-भारत की कंपनियों के मुख्यकार्यकारी आधिकारियों की व्यवसायिक संस्था के साथ मिलकर बनाई है. व्यापार विशेषज्ञ लंबे समय से कहते आए हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के उदारीकरण से दोनो देशों को काफ़ी आर्थिक लाभ होगा. विशेषज्ञों का ये भी मानना है कि दो अरब डॉलर के अनौपचारिक द्विपक्षीय व्यापार को नियमित किया जा सकता है और व्यापार में जो वृद्धि देखी गई है वह दोनो सरकारों के बेहतर माहौल बनाने के कारण है. जब वर्ष 2002 में दोनो देशों के बीच तनाव बढ़ा था और यातायात संपर्क टूट गया था तो द्विपक्षीय व्यापार को भारी झटका लगा था. पाकिस्तान पंजाब में वाघा सीमा चौकी से पशुओं, चीनी और सब्ज़िओं के व्यापार से दोनो देशों में इन चीज़ों की कमी होने पर इनकी कीमतों को बढ़ने से रोकने में सफलता मिली है. पाकिस्तान से जहाँ इस साल प्याज़ और आम मसाले और कपड़ा भारत में उपलब्ध हुआ वहीं भारत से पाकिस्तान को पान के पत्ते, आलू और कई सब्ज़ियाँ निर्यात हुईं. | इससे जुड़ी ख़बरें जुलाई में होगी विदेश मंत्री स्तर की बैठक18 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस भारत और पाकिस्तान का संयुक्त बयान18 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस तस्करों के पेट पर लात का ख़तरा07 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस सार्क सम्मेलन में कई मुद्दों पर सहमति06 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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