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भारत और पाकिस्तान का संयुक्त बयान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच बातचीत में दोनो पक्षों ने कई मुद्दों पर बातचीत करने का 'एजेंडा' बनाया है. इस बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने जो संयुक्त बयान जारी किया है वह इस प्रकार है: भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की इस्लामाबाद में 18 फ़रवरी को मुलाकात हुई. उन्होंने महानिदेशक/संयुक्त सचिव की 16 और 17 फ़रवरी की बैठक में समग्र बातचीत के एजेंडे की समयसीमा और विस्तृत चर्चा पर हुई सहमति की पुष्टि की. दोनो पक्ष सहमत थे कि वे समग्र बातचीत में कश्मीर समेत सभी द्विपक्षीय मुद्दों का ऐसा शांतिपूर्ण हल खोजने की ईमानदारी से कोशिश करेंगे जो दोनो पक्षों को स्वीकार्य हो. उन्होंने अपने लोगों और आने वाली पीढ़ियों की शांति, सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने आगामी बैठकों की जिस समय-सारीणी पर सहमति जताई वह इस प्रकार है: 1. विदेश सचिव मई/जून 2004 में मिलेंगे. वे शांति, सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर और उत्साह बढ़ाने के मुद्दो पर बातचीत करेंगे. 2. जुलाई 2004 में सियाचिन, वुलर बराज, सर क्रीक, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, आर्थिक और वाणिज्य संबंधित मुद्दों पर उसी स्तर पर बातचीत होगी जैसा कि सहमत हुआ है. इससे पहले तकनीकी स्तर की बैठकें होंगी, जो इस प्रकार हैं: 1. मार्च/अप्रैल 2004 में पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक और भारत के सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक के बीच बैठक होगी. 2. परमाणु क्षेत्र में विश्वास बढ़ाने के लिए मई 2004 में विशेषज्ञों की बातचीत होगी. 3. नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए समिति की जून 2004 में बैठक होगी. इन्होंने दोनो पक्षों के मिलेटरी ऑपरेशन्स के महानिदेशकों संबंधों पर पुनर्विचार किया और इन्हें और मज़बूत करने पर विचार करने पर सहमत हुए. पाकिस्तान और भारत के विदेश मंत्री अगस्त 2004 में पूरी प्रक्रिया में हुई प्रगति का निरीक्षण करेंगे . इससे पहले विदेश सचिवों की एक दिन की बैठक होगी. |
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