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डब्लूटीओ की महत्वपूर्ण बैठक शुरू | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोई पचास देशों के वाणिज्य मंत्रियों की गुरुवार को जिनेवा में बैठक शुरू हुई है जिसमें औद्योगिक उत्पादों के व्यापार की बाधाएँ दूर करने के उपायों पर विचार किया जाएगा. यह बैठक विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बैनर तले हो रही है. विश्व व्यापार संगठन के देशों के सामने सर्वसम्मति बनाने की चुनौती है. आधिकारिक विचार-विमर्श शुक्रवार से शुरू होगा जिससे पहले ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, यूरोपीय संघ, भारत, जापान और अमरीका के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण बैठक की. डब्लूटीओ के महानिदेशक पास्कल लैमी ने वाणिज्य मंत्रियों से कहा है कि उन्हें औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने और कृषि क्षेत्र में सब्सिडी में कटौती पर सहमति बनाना है. और उन्होंने कहा कि ये काम जल्दी करना होगा. इस सहमति के बाद इसके तरीक़ों पर विस्तार से काम किया जाएगा. डब्लूटीओ के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अंतिम समझौता इस साल के अंत तक कर लेना ज़रुरी होगा. उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं हो सका तो इसे अमरीकी संसद की मंज़ूरी नहीं मिल पाएगी जहाँ सरल व्यापार प्रक्रिया के समझौते की अवधि 2007 में ख़त्म हो रही है. सदस्य देशों के मंत्री पहले अनौपचारिक रुप से अलग-अलग समूहों में मिलेंगे और शुक्रवार को वे औपचारिक रुप से डब्लूटीओ मुख्यालय में मिलेंगे. देशों के सामने मुद्दे वैसे ही हैं जैसे पिछले साल हांगकांग की बैठक में थे. यूरोपीय संघ के सामने कृषि उत्पादों के आयात शुल्क कर कम करने की चुनौती है तो अमरीका को कृषि पर सब्सिडी कम करनी है. भारत और ब्राज़ील जैसे बड़े विकासशील देशों को औद्योगिक उत्पादों पर आयात शुल्क को घटाना है. विकासशील देशों के पक्षधर लोगों का मानना है कि यदि सहमति विकासशील देशों के पक्ष में नहीं होती तो यह मान्य नहीं होगी. इससे पहले भी अमीर देशों के रवैये की आलोचना होती रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व व्यापार पर आखिरकार सहमति 18 दिसंबर, 2005 | कारोबार व्यापार वार्ताओं के दौरान हिंसक झड़पें17 दिसंबर, 2005 | कारोबार व्यापार मुद्दे पर अमीर देशों की आलोचना15 दिसंबर, 2005 | कारोबार डब्ल्यूटीओ की बातचीत में अहम मुद्दे13 दिसंबर, 2005 | कारोबार यूरोपीय संघ आयात शुल्क घटाने को तैयार28 अक्तूबर, 2005 | कारोबार सब्सिडी पर अमरीका की सतर्क प्रतिक्रिया04 मार्च, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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