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बजट: विकास पर नज़र, नए कर नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने 2006-07 के बजट में आय कर में कोई परिवर्तन नहीं किया है. साथ ही उन्होंने कोई नए कर नहीं लगाए हैं. उन्होंने छोटी कारों और शीतल पेय के उत्पाद शुल्क में कटौती का ऐलान किया है. उन्होंने अपने बजट भाषण में आर्थिक विकास की दर का लक्ष्य 10 फ़ीसदी निर्धारित करने की घोषणा की. उनका कहना था कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में विकास की दर 8.1 फ़ीसदी हासिल कर ली जाएगी. वित्त मंत्री का कहना था," यूपीए सरकार अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करना चाहती है और विकास दर को बढ़ाना चाहती है क्योंकि विकास ग़रीबी की सबसे बेहतर काट है." उन्होंने आयकर में कोई परिवर्तन न करने की घोषणा की और कहा की कि कोई नया कर नहीं लगाया जा रहा है. साथ ही उन्होंने 6 बातों पर आयकर रिटर्न दाखिल करने की शर्त को समाप्त करने की घोषणा की.
चिदंबरम ने घोषणा की कि ग्रामीण रोज़गार के अवसर बढाए जाएँगे और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा है कि ग्रामीण रोज़गार के अवसर बढ़ाने पर 11,400 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे. चिदंबरम ने कहा कि 2006-07 में 403,465 करोड़ रुपया राजस्व प्राप्ति होगी और राजस्व खर्च 488,192 करोड़ रुपए रहेगा. इसके कारण 84,727 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे का अनुमान है जो घरेलू सकल उत्पाद का 2.1 फ़ीसदी है. उन्होंने कहा कि 2006-07 के लिए योजना व्यय 20.4 फ़ीसदी बढ़ाकर 172,728 करोड़ रुपए हो जाने का अनुमान है. चिदंबरम ने छोटी कारों और शीतल पेय पर उत्पाद शुल्क में कटौती की घोषणा की. उन्होंने पेट्रोल की 1200 सीसी क्षमता वाली और डीजल की 1500 सीसी क्षमता तक की कारों पर उत्पाद शुल्क 24 से घटाकर 16 फ़ीसदी करने की घोषणा की. कल्याण योजनाओं को मदद वित्त मंत्री ने कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है और उन्हें बजटीय सहायता प्रदान की है. उन्होंने सर्वशिक्षा अभियान के लिए डेढ़ लाख और अध्यापक उपलब्ध कराने और पाँच लाख और कक्षाएँ बनाए जाने की घोषणा की है. इस पर 18696 करोड़ रुपए व्यय किए जाएँगे. चिदंबरम ने मिड डे मील योजना के लिए 4813 करोड़ रुपए आवंटित किए जाने की घोषणा की. वित्त मंत्री ने राजीव गांधी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के लिए राशि बढ़ाकर 8207 करोड़ रुपए कर दी है. साथ ही ग्रामीण रोज़गार के लिए 14,300 करोड़ रुपए और महिलाओँ और बच्चों के लिए कल्याण के लिए 28,737 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. उद्योग जगत को फ्रिंज बेनेफिट टैक्स को लेकर आपत्तियाँ रही हैं. वित्त मंत्री ने इसमें कुछ सुधार की घोषणा की. रक्षा बजट बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए 89 हज़ार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जबकि पिछले बजट में यह राशि 83 हज़ार करोड़ रुपए थी. इस तरह इसमें 6 हज़ार करोड़ रुपए की वृद्धि की गई है. वित्त मंत्री ने रक्षा बजट में वृद्धि को न्यायोजित बताते हुए कहा कि इस समय देश की रक्षा सेवाओं को आधुनिक बनाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि सरकार ने सैन्य बलों के कर्मचारियों को बेहतर पेंशन सुविधाएँ प्रदान करने की बात पूरी कर दी है. पहली जनवरी, 2006 में अब तक 12 लाख ऐसे कर्मचारियों को लाभ हुआ है. उन पर 460 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. दरअसल वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पास कोई क्रांतिकारी क़दम उठाने के विकल्प मौजूद नहीं थे. आर्थिक चिंतन के दो परस्पर विरोधी ध्रुव-कांग्रेस और वामपंथी सरकार चला रहे हैं. कुल मिलाकर इस बजट में इस राजनीति की छाया नज़र आ रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें ऊँची विकास दर मगर बेरोज़गारी बढ़ी27 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस गाँव, किसान, रोज़गार और शिक्षा को प्राथमिकता28 फ़रवरी, 2005 | कारोबार बजट: इंडिया के लिए, भारत के लिए नहीं28 फ़रवरी, 2005 | कारोबार दस हज़ार रुपए निकालने पर कर28 फ़रवरी, 2005 | कारोबार मुंबई शेयर बाज़ार की रिकॉर्ड ऊँचाई06 फ़रवरी, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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