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कांग्रेस ने सब्सिडी समाप्ति को मंज़ूरी दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी संसद कांग्रेस ने कपास के किसानों को दी जाने वाली प्रमुख सब्सिडी को ख़त्म करने के फ़ैसले को मंज़ूरी दे दी है. इस फ़ैसले से विकासशील देशों के कपास उत्पादक किसानों को फ़ायदा हो सकता है. अमरीका सरकार विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सब्सिडी के ख़िलाफ़ दिए गए फ़ैसले को लागू करने के बारे में दिसंबर 2005 में सहमत हो गई थी लेकिन इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी था. ब्राज़ील ने अमरीकी किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी समाप्त करने का मामला संगठन में पेश करते हुए कहा था कि कपास किसानों को सरकारी सहायता से विश्व बाज़ार पर बुरा असर पड़ा है. सहायता एजेंसियों का कहना है कि अमरीका में कपास किसानों को सब्सिडी दिए जाने से ख़ासतौर से पश्चिमी अफ्रीका में कपास पैदा करने वाले देशों को ख़ासा नुक़सान हो रहा है. पश्चिमी अफ्रीकी देशों का कहना है कि उन्हें उनकी फ़सलों के अच्छे दाम नहीं मिल पाते हैं. घरेलू बहस कपास की खेती के लिए सब्सिडी समाप्त करने वाले क़ानून को कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को मंज़ूरी दी. उच्च सदन सीनेट इसे दिसंबर 2005 में ही पास कर चुका था. इस फ़ैसले के बाद अमरीकी निर्यातकों और निर्माताओं को घरेलू किसानों से कपास ख़रीदने के लिए अब कोई रियायत नहीं मिलेगी. किसान समुदाय ने इस क़ानून को मंज़ूरी देने के फ़ैसले का विरोध किया है. बुश प्रशासन विश्व व्यापार संगठन के फ़ैसले को लागू करने की दिशा में अपने किसानों को क़र्ज़ दिए जाने की दो योजनाओं को पहले ही समाप्त कर चुका है. बीबीसी के अमरीकी मामलों के संवाददाता साइमन वॉट्स का कहना है कि अमरीकी कपास किसानों को मिलने वाली सब्सिडी का मामला कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार संघर्ष का केंद्र रहा है. अमरीका के दक्षिण में कपास के किसानों को सभी सरकारें अरबों डॉलर की सब्सिडी देती आई हैं क्योंकि राजधानी वाशिंगटन में इन किसानों का ख़ासा प्रभाव रहा है. अमरीका के व्यापार अधिकारियों का मानना है कि सब्सिडी दिया जाना क़ानूनी था लेकिन विश्व व्यापार संगठन ने 2004 में किए गए एक ऐतिहासिक फ़ैसले में कहा था कि सब्सिडी के ज़्यादातर तरीके संगठन के नियमों का उल्लंघन करते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें विश्व व्यापार पर आखिरकार सहमति 18 दिसंबर, 2005 | कारोबार डब्लूटीओ सम्मेलन में वीटो की धमकी16 दिसंबर, 2005 | कारोबार व्यापार मुद्दे पर अमीर देशों की आलोचना15 दिसंबर, 2005 | कारोबार 'समझौता नहीं हुआ तो संरक्षणवाद बढ़ेगा'14 दिसंबर, 2005 | कारोबार मेंडलसन ने सब्सिडी मुद्दे पर आगाह किया12 दिसंबर, 2005 | कारोबार अमरीका जाएगा डब्लूटीओ की शरण में31 मई, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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