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सोमवार, 12 दिसंबर, 2005 को 08:04 GMT तक के समाचार
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मेंडलसन ने सब्सिडी मुद्दे पर आगाह किया
मेंडलसन
यूरोपीय संघ का कहना है कि पहले ही कृषि सब्सिडी काफ़ी कम कर चुका है
मंगलवार से हॉंगकॉंग में होने वाले विश्व व्यापार संगठन के सम्मेलन से पहले विकसित और विकासशील देश, दोनों के आपसी मतभेद खुल कर सामने आ रहे हैं.

विकासशील देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि वो चाहते हैं कि अमीर देश, ख़ासकर यूरोपीय संघ, कृषि सब्सिडी को कम करें.

 सब्सिडी तुरंत कम करने के मुद्दे पर समझौता ‘संभव’ नहीं है
पीटर मेंडलसन, व्यापार आयुक्त, यूरोपीय संघ

इसके अलावा विकासशील देशों ने खाद्य पदार्थों के आयात पर भी शुल्क कम करने की बात कही है.

इस बीच यूरोपीय संघ के मुख्य वार्ताकार और व्यापार आयुक्त पीटर मेंडलसन ने कहा है कि कृषि आधारित व्यापार के मसले पर नया प्रस्ताव लाने का उनका कोई इरादा नहीं है.

मेंडलसन ने कहा, "सब्सिडी तुरंत कम करने के मुद्दे पर समझौता ‘संभव’ नहीं है."

उनका कहना था कि ये दूसरे लोगों पर निर्भर करता है कि वे अपनी ओर से बेहतर प्रस्ताव लेकर आएँ.

मतभेद

विकासशील देशों की ओर से बोलते हुए ब्राज़ील के कृषि मंत्री ने कहा, "हम पश्चिमी देशों के औद्योगिक उत्पादों और सेवाओं के लिए अपने बाज़ार खोलने पर लचीला रुख़ अपनाएँगे लेकिन कृषि के मसले पर बातचीत ख़त्म होने के बाद."

कृषि के मुद्दे को लेकर ही विकसित और विकासशील देशों में सबसे ज़्यादा मतभेद हैं.

यूरोपीय संघ का कहना है कि कृषि सब्सिडी में 46 प्रतिशत की कटौती का उसका प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण क़दम है.

लेकिन अमरीका और विकासशील देशों का दावा है कि यूरोपीय संघ, कृषि सब्सिडी को उतने प्रतिशत तक कम करने के लिए तैयार नहीं है जितना उसे करना चाहिए.

विकासशील देशों ने अमरीका और जापान जैसे देशों की भी इस बात के लिए आलोचना की है वो अपने बाज़ार पूरी तरह नहीं खोल रहे.

हॉंगकॉंग में प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने की आशंका के चलते छह दिन चलने वाले इस सम्मेलन के लिए भारी सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

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