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मतभेदों के बीच डब्लूटीओ की बैठक शुरू | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विकसित, विकासशील और कम विकसित देशों के बीच जारी मतभेद के बीच विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) की मंत्री स्तरीय बैठक मंगलवार को हाँगकाँग में शुरू हो गई है. 149 देशों के वाणिज्य मंत्री पिछले चार साल से चल रही बातचीत को आगे बढाएँगे लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर विवाद जारी है. बातचीत में मुख्य मुद्दा है व्यापार के अवरोधों को ख़त्म करना और विश्व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना लेकिन इस बातचीत से सहमति की कम ही उम्मीद जताई जा रही है. सबसे ज़्यादा विवाद के विषय हैं- औद्योगिक सामान, सेवा और कृषि के क्षेत्र में व्यापार. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन मुद्दों पर सहमति की कम उम्मीद है. डब्लूटीओ के इस दौर की बातचीत में विकासशील देश यूरोप और अमरीका में कृषि सब्सिडी में कटौती की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. आरोप चार साल पहले दोहा में इस दौर की बातचीत शुरू हुई थी. उसके बाद से ही यह कोशिश की जा रही है कि ग़रीब देशों के लिए व्यापार शर्तों में असमानता न रहे. इसलिए इस दौर की बातचीत को 'विकास दौर' की बातचीत कहा जा रहा है.
लेकिन कम विकसित देशों के ग्रुप का नेतृत्व कर रहे ज़ाम्बिया के वाणिज्य मंत्री दीपक पटेल ने धनी देशों पर आरोप लगाया कि वे कृषि सब्सिडी के मामले में अभी भी चोर-सिपाही का खेल खेल रहे हैं. उन्होंने कहा, "अगर हाँगकाँग में गड़बड़ी हुई, तो निश्चित तौर पर इसके लिए ग़रीब देश ज़िम्मेदार नहीं होंगे, इसकी नाकामी की ज़िम्मेदारी जाएगी धनी देशों पर." दूसरी ओर यूरोपीय संघ के वार्ताकार पीटर मेंडलसन ने स्पष्ट कर दिया है वे हाँगकाँग में कृषि सब्सिडी में कोई नई कटौती का प्रस्ताव लेकर नहीं आए हैं. अमरीका और यूरोप चाहते हैं कि बातचीत कृषि सब्सिडी को छोड़ अन्य मुद्दों पर हो. लेकिन बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि अगर कृषि सब्सिडी को लेकर सहमति नहीं हुई तो अन्य क्षत्रों में कोई समझौता होगा- इसकी संभावना नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें सऊदी अरब को डब्लूटीओ की सदस्यता11 नवंबर, 2005 | कारोबार 'डब्लूटीओ बैठक से ज़्यादा उम्मीद न करें'08 नवंबर, 2005 | कारोबार अमरीका जाएगा डब्लूटीओ की शरण में31 मई, 2005 | कारोबार डब्लूटीओ: बातचीत में प्रगति के संकेत31 जुलाई, 2004 | कारोबार भारत को भी कुछ मिला है:कमलनाथ31 जुलाई, 2004 | कारोबार डब्लूटीओ ने दिया नया प्रस्ताव30 जुलाई, 2004 | कारोबार नेपाल डब्लूटीओ का सदस्य बना23 अप्रैल, 2004 | कारोबार व्यापार मुद्दों पर ग़रीब देशों के प्रयास शुरु16 अक्तूबर, 2003 को | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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