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बातचीत में ठोस प्रगति ज़रूरी:अन्नान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने विश्व व्यापार संगठन के सम्मेलन में प्रतिनिधियों को आगाह करते हुए कहा है कि बातचीत में प्रगति अवश्य होनी चाहिए अन्यथा ग़रीबी से उबरने का प्रयास करने वाले लाखों लोगों को बेहद निराशा होगी. ग़ौरतलब है कि विकसित, विकासशील और कम विकसित देशों के बीच जारी मतभेद के बीच विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) की मंत्री स्तरीय छह दिन चलने वाली बैठक मंगलवार को हाँगकाँग में शुरू हुई है. इस बैठक से पहले ही कुछ देशों के व्यापार प्रतिनिधियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे अपने बाज़ारों को और ज़्यादा खोलने के प्रस्ताव नहीं सकते हैं. धनी देश चाहते हैं कि बड़ी और विकासशील अर्थव्यवस्था वाले देश व्यापार बाधाओं को हटाएँ ताकि पश्चिमी देशों से सामान और सेवाओं के लिए रास्ता साफ़ हो सके. लेकिन ग़रीब देशों का कहना है कि यूरोपीय संघ और अमरीका पहले अपने यहाँ किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी में कटौती करें और आयात शुल्क भी कम करें. मंगलवार को बैठक शुरू हुई तो उसका विरोध करने के लिए अनेक प्रदर्शनकारी भी वहाँ इकट्ठा हो गए. ख़ासतौर पर कोरिया से आए किसानों ने प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए सम्मेलन स्थल की तरफ़ बढ़ने की कोशिश की जिन्हें रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में दो पुलिसकर्मी ज़ख़्मी भी हो गए. इस बैठक में 149 देशों के वाणिज्य मंत्री पिछले चार साल से चल रही बातचीत को आगे बढाने की कोशिश करेंगे लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर विवाद जारी है. बातचीत में मुख्य मुद्दा है व्यापार के अवरोधों को ख़त्म करना और विश्व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना लेकिन इस बातचीत से सहमति की कम ही उम्मीद जताई जा रही है. सबसे ज़्यादा विवाद के विषय हैं- औद्योगिक सामान, सेवा और कृषि के क्षेत्र में व्यापार. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन मुद्दों पर सहमति की कम उम्मीद है. | इससे जुड़ी ख़बरें मतभेदों के बीच डब्लूटीओ की बैठक शुरू13 दिसंबर, 2005 | कारोबार सऊदी अरब को डब्लूटीओ की सदस्यता11 नवंबर, 2005 | कारोबार 'डब्लूटीओ बैठक से ज़्यादा उम्मीद न करें'08 नवंबर, 2005 | कारोबार अमरीका जाएगा डब्लूटीओ की शरण में31 मई, 2005 | कारोबार डब्लूटीओ: बातचीत में प्रगति के संकेत31 जुलाई, 2004 | कारोबार भारत को भी कुछ मिला है:कमलनाथ31 जुलाई, 2004 | कारोबार डब्लूटीओ ने दिया नया प्रस्ताव30 जुलाई, 2004 | कारोबार व्यापार मुद्दों पर ग़रीब देशों के प्रयास शुरु16 अक्तूबर, 2003 को | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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